
पंडित देव प्रभाकर शास्त्री के अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु कटनी पहुंचे.
भोपाल:
देश के जाने माने गृहस्थ संत देव प्रभाकर शास्त्री दद्दाजी सोमवार को कटनी स्थित दद्दाधाम में पंचतत्व में विलीन हो गए. उनकी अंतिम यात्रा में नेता-अभिनेता सहित हजारों भक्त उमड़े. हालांकि जिला प्रशासन ने कहा कि कोरोना प्रोटोकॉल के तहत किसी नियम का उल्लंघन नहीं हुआ. कलेक्टर शशि भूषण सिंह और पुलिस अधीक्षक ललित शाक्यवार ने राज्य शासन की ओर से पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी.
Thousands gathered in Katni during the last rites of noted spiritual leader ”Daddaji”, including politicians from congress-BJP, violating #SocialDistancing norms @ndtv@SreenivasanJain@ndtvindia#Lockdown4#lockdown4guidelines#COVID19#MigrantWorkers@INCIndia@BJP4Indiapic.twitter.com/ihro2RRN7a
— Anurag Dwary (@Anurag_Dwary) May 18, 2020
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पंडित देव प्रभाकर शास्त्री के अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु कटनी पहुंचे. उनके हजारों भक्तों के अलावा बीजेपी नेता अजय विश्नोई, पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक लखन घनघोरिया, बीजेपी नेता संजय पाठक, अभिनेता आशुतोष राणा और राजपाल यादव भी शामिल हुए. दद्दा जी पिछले कुछ दिनों से दिल्ली के एम्स में भर्ती थे. शनिवार को बीजेपी विधायक संजय पाठक और आशुतोष राणा उन्हें अपने साथ दिल्ली से कटनी ले गए थे. 82 साल के दद्दाजी किडनी और लीवर की बीमारी से पीड़ित थे.
NDTV ने जब जिला कलेक्टर शशि भूषण सिंह को प्रोटोकॉल के उल्लंघन को लेकर सवाल किया तो उन्होंने फोन काटने से पहले सिर्फ इतना कहा कि किसी नियम का उल्लंघन नहीं हुआ. एनडीटीवी के कॉल को डिस्कनेक्ट करने से पहले कटनी के जिला कलेक्टर शशि भूषण सिंह ने कहा, “कोई उल्लंघन नहीं हुआ, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया गया था. दद्दाजी को श्रद्धांजलि देने वालों में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह भी शामिल थे.
रविवार को केंद्र सरकार ने 31 मई तक लॉकडाउन बढ़ा दिया है. राज्यों को दिए गए अपने दिशा निर्देशों में, इसने उल्लेख किया कि 20 से अधिक लोगों के साथ अंतिम संस्कार की अनुमति नहीं दी जा सकती है.

