coronavirus update in india: ICMR के पूर्व महानिदेशक का दावा, 2021 के इन महीनों में तैयार हो सकती है कोरोना की वैक्सीन – emergency covid-19 vaccine could be ready by january 2021 to stop coronavirus

Edited By Somendra Singh | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:

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कोरोना वायरस का संक्रमण भारत में अभी भी तेजी से फैल रहा है। इसे रोकने के लिए सरकार ने पहले तीन चरण के लॉकडाउन को बढ़ा दिया था और अब देश में चौथा लॉकडाउन भी चल रहा है। इस दौरान भारत में वैक्सीन बनाने के लिए भी कई वैज्ञानिकों और रिसर्च संस्थाओं के द्वारा लगातार कोशिश की जा रही है।

इसी बीच भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के पूर्व महानिदेशक निर्मल कुमार गांगुली का एक बयान सामने आया है जिसमें इस बात की आशंका जताई जा रही है कि कोरोना वायरस की वैक्सीन इस साल तैयार होना मुमकिन नहीं है।

2021 के इन दो महीनों में तैयार हो सकती है

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भारत में वैक्सीन बनाने वाली प्रमुख कंपनियों में से एक भारत बायोटेक जेफरसन के द्वारा कोरोनावायरस की वैक्सीन को बनाने के लिए काफी लंबे समय से प्रयास किए जा रहे हैं। इस समय यह कंपनी, थॉमस जेफरसन यूनिवर्सिटी ऑफ फिलाडेल्फिया के साथ मिलकर वैक्सीन बनाने में जुटी हुई है।

इसके बाद ICMR के पूर्व महानिदेशक एनके गांगुली ने कहा है, ‘ऐसा प्रतीत होता है कि कोरोना वायरस से निपटने के लिए बनाया जा रहा टीका अगले साल 2021 के जनवरी या फरवरी महीने में उपलब्ध हो पाएगा।इतना लंबा समय इसलिए भी लग सकता है क्योंकि लोगों की अलग-अलग रोग प्रतिरोधक क्षमता के हिसाब से इस टीके को एक तय मानक के लिए बनाया जाएगा ताकि यहां सभी लोगों पर प्रभावी रूप से कार्य कर सके।’

आनुवंशिक कोड की पहचान करने के बाद असरदार होगा यह टीका

एनके गांगुली का कहना है कि इस समय देश में तैयार की जा रही वैक्सीन का मुख्य उद्देश्य है कि यह स्पाइक प्रोटीन के अनुवांशिक कोड की अच्छी तरह पहचान कर सके। हालांकि इस बारे में पहले ही सफलता मिल चुकी है। यह सार्स-कोविड-2 के तेजी से बढ़ रहे प्रभाव को समझने के लिए सक्रिय रूप से असर दिखा रहा है।

जब टीका इस प्रक्रिया में पूरी तरह से सफल हो जाएगा तो उसके बाद यह लोगों के इम्यून रिस्पॉन्स को बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। इम्यून रिस्पॉन्स को मजबूत करके कोरोना वायरस को शरीर से खत्म करने में मदद मिल सकती है। यह एक लंबी प्रक्रिया है, इसमें काफी समय लग सकता है। इसीलिए यह आशंका जताई जा रही है कि 2021 के जनवरी या फरवरी महीने में कोरोना वायरस को खत्म करने के लिए किसी प्रभावी टीके का बन पाना मुमकिन हो सकता है।

फिलहाल कोरोना वायरस का इलाज करने के लिए डॉक्टरों के द्वारा तरह-तरह की प्रक्रिया अपनाई जा रही है और वह काफी हद तक इसमें सफल भी हो रहे हैं। इस इलाज की प्रक्रिया में लगने वाला समय ज्यादा है। इसलिए कोरोना वायरस की वैक्सीन का जल्द से जल्द बनना बहुत जरूरी है। फिलहाल आईसीएमआर के पूर्व महानिदेशक की मानें तो कोरोना वायरस की महामारी से लड़ने के लिए अभी भी भारत को काफी बड़ी चुनौतियों से गुजरना पड़ेगा।


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