- अहमदाबाद मेडिकल एसोसिएशन ने गुजरात हाईकोर्ट में लगाई याचिका
- एएमए ने अपनी अपील में कहा है- जल्द मिले कोरोना टेस्ट की परमिशन
अहमदाबाद मेडिकल एसोसिएशन ने गुजरात हाईकोर्ट में गुरुवार को एक याचिका दाखिल की है. एएमए की तरफ से दाखिल याचिका में अपील की गई है कि कोरोना टेस्ट की परमिशन 4 से 5 घंटों में मिल जाए. इस मामले में गुजरात हाईकोर्ट शुक्रवार को सुनवाई करेगा.
बता दें कि गुजरात में फिलहाल सरकारी नियम के मुताबिक, यदि कोई मरीज इलाज के लिए अस्पताल में आता है, तो उसे अपने कोविड परीक्षण के लिए एक ई-मेल चीफ डिप्टी हेल्थ ऑफिसर से लेना रहता है. हैरानी की बात यह है कि इस ई-मेल का जवाब हां या ना में आने में सरकारी तंत्र 4 से 5 दिन का वक्त लेता है. जिस वजह से स्थानीय अस्पताल में ऐसे मरीजों की ट्रीटमेंट अटक जाती है.
कोरोना पर फुल कवरेज के लिए यहां क्लिक करें
ऐसी स्थिति में सरकारी अस्पताल में आने वाले मरीज अगर कोरोना टेस्ट में पॉजिटिव निकलते हैं तो इन पांच दिनों के दौरान वह और कई लोगों को संक्रमित कर सकते हैं. इतना ही नहीं इलाज करने वाला डॉक्टर भी इससे संक्रमित हो सकता है.
जानकारी के मुताबिक इस विषय में एएमए ने पिछले दिनों गुजरात सरकार के आरोग्य विभाग को भी ज्ञापन दिया था. लेकिन किसी तरह का जवाब न मिलने के बाद उन लोगों ने अब कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. एएमए की याचिका में कहा गया है कि अगर किसी मरीज का इलाज करने के प्रकिया इतनी जटिल है तो मर्ज का निदान कैसे जल्दी में किया जा सकता है.
देश-दुनिया के किस हिस्से में कितना है कोरोना का कहर? यहां क्लिक कर देखें
अहमदाबाद मेडिकल एसोसिएशन की अध्यक्ष डॉ मोना देसाई का कहना है कि डॉक्टरों को मरीज के कोविड-19 टेस्ट के लिए फॉर्म भरना पड़ता है. जिसे सीडीएचओ को भेजना होता है. जिसे आईसीएमआर के दिशा-निर्देश के आधार पर हां या ना में जवाब दिया जाता है. इसका जवाब आने में 4 से 5 दिन लगते हैं. अगर कोई आपातकालीन ऑपरेशन होता है तो मरीज और डॉक्टर पर इसका खतरा बना रहता है.
कोरोना कमांडोज़ का हौसला बढ़ाएं और उन्हें शुक्रिया कहें…

