काफी मुश्किल से मजदूर अपने घर वापस पहुंचे.
मजदूरों का आरोप है कि धमतरी पहुंचे ही ट्रक से उतार दिया गया. वहां कुछ घंटे बिताने के बाद एक ट्रक के जरिए कोरबा जिले के लिए रवाना कर दिया गया.
मजदूरों का आरोप है कि धमतरी पहुंचे ही ट्रक से उतार दिया गया. वहां कुछ घंटे बिताने के बाद एक ट्रक के जरिए कोरबा जिले के लिए रवाना कर दिया गया. बुधवार सुबह तुलसी नगर के गेरवाघाट पुल के पास मजदूरों को उतारकर ट्रक चालक अपने रास्ते निकल गई. मजदूरों का कहना है कि घर तक पहुंचने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी. उनका कहना है कि मालखरौदा के बाकी 30 मजदूरों को भी कोरबा के कटघोरा इलाके में उतार दिया गया है. सभी अब घर जाने की राह ताक रहे हैं.
मजदूरों को ऐसे मिली मदद
मजदूरों की मानें तो कोरबा में एक पार्षद ने उनकी मदद की. सभी का खाने का इंतजाम किया गया. फिर स्थानीय प्रशासन से मदद लेकर मजदूरों को वापस मलखरौदा के लिए रवाना किया गया. इस पूरे मामले में यह बात समझ से परे है कि आखिर जांजगीर-चांपा जिले के मजदूरों को उनके गांव जाने के लिए पहले उत्तर प्रदेश से झारखंड फिर वहां से धमतरी तक का सफर क्यों करना पड़ा. यह पूरी जानकारी मजदूरों के हवाले से सामने आई है. मजदूर मानते हैं कि जानकारी के अभाव में इतना लंबा चक्कर लगाना पड़ा.ये भी पढ़ें:
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First published: June 4, 2020, 11:56 AM IST

