कोलंबो: घातक वायरस कोविड-19 ने दुनिया के कई देशों को लॉकडाउन करने और तमाम गतिविधियां रोकने पर मजबूर कर दिया था. अब धीरे-धीरे हालात सुधर रहे हैं और देश प्रतिबंधों में ढील दे रहे हैं. भारत का पड़ोसी देश श्रीलंका भी यात्रा प्रतिबंधों में ढील देने जा रहा है.
इतना ही नहीं श्रीलंका विदेशी मेहमानों के स्वागत के लिए भी तैयारी कर रहा है. अधिकारियों ने शनिवार को कहा कि श्रीलंका के वायरस से पस्त पड़े पर्यटन उद्योग को अगस्त से विदेशी मेहमानों के लिए फिर से खोल सकते हैं. हालांकि इसके लिए वे सख्त दिशा-निर्देश भी लागू करने जा रहे हैं.
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श्रीलंका के पर्यटन मंत्रालय ने कहा है कि यात्री 1 अगस्त से यात्रा कर सकेंगे, लेकिन उन्हें बोर्डिंग से पहले के 72 घंटे में जारी हुआ एक कोविड -19 मुक्त प्रमाण पत्र लाना होगा.
यहां तक कि इस दस्तावेज़ को लाने के बाद भी पर्यटकों को हवाई अड्डे आगमन पर एक वायरस परीक्षण करवाना होगा. इसके चार से पांच दिन बाद अगली जांच की जाएगी और 10 दिनों से अधिक समय तक रूकते हैं तो उनकी तीसरी जांच की जाएगी.
मंत्रालय ने कहा, “हालांकि यह असुविधाजनक हो सकता है, लेकिन सभी को सुरक्षित रखने और मानसिक शांति देने के लिए यह आवश्यक है.’
इसके अलावा यहां का नियमित वीजा शुल्क भी $ 40 से बढ़ाकर $ 100 कर दिया गया है. मेहमान केवल मंत्रालय द्वारा तय किए होटलों में ही रह सकते हैं और द्वीप पर उन्हें सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने की अनुमति नहीं होगी.
इसके अलावा, केवल वे लोग जो श्रीलंका में न्यूनतम पांच दिन बिताएंगे उन्हें ही अंदर जाने की अनुमति होगी.
बता दें कि देश की टूरिज्म इण्डस्ट्री पिछले साल के ईस्टर संडे को हुए बम विस्फोटों के प्रभाव से उबर ही रहा थी और इस वायरस ने हमला बोल दिया. जिसके कारण द्वीप पर अंतर्राष्ट्रीय यात्रा रोक दी गई थी और होटलों को बंद करने के लिए मजबूर किया गया, इससे हजारों लोग बेकार हो गए थे.
बम धमाकों में 45 विदेशियों समेत 279 लोग मारे गए थे. पिछले साल श्रीलंका में आगंतुकों की संख्या घटकर 1.91 मिलियन रह गई थी जो कि उससे एक साल पहले 2.33 मिलियन थी.
देश में कोविड-19 से अब तक 11 मौतों और 1,801 संक्रमणों की सूचना मिली है. यहां 27 जनवरी को पहले कोरोना वायरस रोगी की पहचान की गई थी.

