शिवसेना के हमलों के बीच CM उद्धव से मिले सोनू सूद, कहा- कोई मतभेद नहीं, सबने साथ दिया – Actor sonu sood reached maatoshri to meet cm uddhav thackeray

  • ‘सामना’ में सोनू सूद के खिलाफ छपा आर्टिकल
  • कांग्रेस के कई नेता सोनू सूद के समर्थन में उतरे

बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से मिलने उनके आवास मातोश्री गए. सोनू सूद के साथ कांग्रेस नेता और प्रदेश के मौजूदा कपड़ा मंत्री असलम शेख भी मातोश्री पहुंचे थे. मुलाकात के बाद सोनू सूद ने कहा कि यह किसी राजनीतिक पार्टी का मामला नहीं है…इस मामले में कोई मतभेद भी नहीं है क्योंकि कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक सबने मेरा समर्थन (प्रवासियों को घर भेजने में) किया है. बता दें, प्रवासी मजदूरों को उनके घर भेजने को लेकर शिवसेना नेता संजय राउत ने सोनू सूद की आलोचना की है. इसके बाद यह विवाद काफी बढ़ गया है.

इस मुलाकात के बाद संयज राउत ने एक ट्वीट किया और लिखा कि आखिर सोनू सूद को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री का पता मिल गया, वो मातोश्री पहुंच गए, जय महाराष्ट्र.

अभिनेता सोनू सूद देश भर में हजारों मजदूरों को उनके घर पहुंचा चुके हैं. प्रवासी मजदूरों को घर भेजने में फिल्म स्टार सोनू सूद ने जो मदद की, उस पर सियासत शुरू हो गई है. शिवसेना के अखबार सामना में सोनू सूद को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की कठपुतली बताया गया है.

इस पर बीजेपी ने कहा कि जो काम सोनू सूद ने किया, वह राज्य सरकार को करना चाहिए था. बीजेपी की प्रवक्ता श्वेता शालिनी ने ट्विटर पर सोनू सूद के नाम खुला पत्र पोस्ट किया है, जिसमें उन्होंने इस मसले को राजनीतिक रंग दिए जाने पर नाराजगी व्यक्त की है.

संजय राउत के इस ट्वीट के बाद प्रदेश के मंत्री आदित्य ठाकरे का भी बयान आया. आदित्य ठाकरे ने सोनू सूद को अच्छा इंसान बताया. आदित्य ठाकरे ने कहा, आज (रविवार) शाम सोनू सूद प्रदेश मंत्री असलम शेख के साथ मुख्यमंत्री आदित्य ठाकरे और हमसे मिले. एक साथ मिलकर लोगों का सहयोग करना अच्छा होता है. एक अच्छे इंसान से मिलकर अच्छा लगा.

क्या है मामला?

शिव सेना के मुखपत्र सामना में पार्टी नेता संजय राउत ने कहा है कि बीजेपी सोनू सूद का इस्तेमाल सरकार पर हमला करने के लिए कर रही है. सामना के कॉलम में लिखा है, “महाराष्ट्र में सोशल वर्क की लंबी परंपरा रही है, इसमें महान सामाजिक कार्यकर्ता महात्मा ज्योतिबा फुले और बाबा आम्टे शामिल रहे हैं और अब इस लिस्ट में एक और व्यक्ति शामिल हो गए हैं, वह हैं सोनू सूद.” उनके कई वीडियो और तस्वीरें दिख रही हैं, उनमें सोनू सूद चिलचिलाती धूप में प्रवासी मजदूरों की मदद कर रहे हैं.”

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संजय राउत ने आर्टिकल में लिखा कि लॉकडाउन के दौरान अचानक सोनू सूद नाम से नया महात्मा तैयार हो गया. प्रवासी मजदूरों को घर भेजने के लिए उनके नाम की चर्चा हो रही है. सामना में आगे लिखा है, कहा जा रहा है कि जिन लोगों को केंद्र और राज्य सरकार घर नहीं भेज सकी है, सोनू सूद ने उन्हें अपने घर भिजवाया. यहां तक कि राज्यपाल ने भी उनकी तारीफ की.

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सोनू सूद के पक्ष में कांग्रेस

महाराष्ट्र सरकार में शिवसेना के साथ सत्ता में साझीदार कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने कहा है कि शिवसेना को सोनू सूद के खिलाफ ऐसा बयान नहीं देना चाहिए था. सोनू सूद प्रवासी मजदूरों के लिए भगवान बन कर आए हैं. इस मामले में महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख का भी बयान आया है जिन्होंने सोनू सूद के कार्यों की तारीफ की है. इसके बाद शिवसेना नेता संजय राउत अब अकेले पड़ते दिख रहे हैं. शिवसेना गठबंधन की महाराष्ट्र सरकार के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने कहा है कि कई प्रवासियों को उनके घर भेजकर सोनू सूद ने काबिले तारीफ काम किया है. देशमुख ने कहा कि उन्होंने नहीं सुना कि संजय राउत ने इस बारे में क्या कहा है. सोनू सूद या कोई भी व्यक्ति ऐसी पहल करता है तो हमलोग उसकी तारीफ करेंगे.

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