- पंजाब में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के केस
- यात्री निजी गाड़ियों का कर रहे हैं इस्तेमाल
- ड्राइवरों की मुश्किलें बढ़ीं, EMI से भी हैं परेशान
पंजाब में टैक्सी और कैब चालकों के सामने भूखे मरने की नौबत आ गई है. पंजाब के मोहाली और अमृतसर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उड़ानों का संचालन शुरू हो चुका है लेकिन इसके बावजूद यात्रियों की संख्या बहुत कम है. जो भी यात्री अगर एयरपोर्ट पर आवाजाही कर रहे हैं तो वो अपनी प्राइवेट गाड़ियों का ही इस्तेमाल कर रहे हैं.
इस वजह से पंजाब के टैक्सी चालकों के सामने भूखे मरने की नौबत आ गई है. जहां एक ओर टैक्सियों की भारी-भरकम ईएमआई ड्राइवरों को देनी पड़ रही है तो वहीं उनके लिए अपने परिवार का खर्चा चलाना भी मुश्किल हो रहा है. अब पंजाब के टैक्सी चालक दिल्ली की केजरीवाल सरकार की तरह ही पंजाब की कैप्टन सरकार से आर्थिक मदद की उम्मीद कर रहे हैं.
टैक्सी चालकों ने कहा कि उनकी आर्थिक स्थिति बेहद खराब है, ऐसे में कैप्टन सरकार को ठीक उसी तरह से उन्हें आर्थिक मदद देनी चाहिए जैसे कि दिल्ली में केजरीवाल सरकार की ओर से टैक्सी और ऑटो चालकों को दी गई है.
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सरकार से आर्थिक मदद की गुहार
टैक्सी चालकों ने बताया कि वो लगातार अपनी गाड़ियों को सैनिटाइज करते हैं और यात्रियों को किसी तरह से कोरोना महामारी का खतरा न हो इसका पूरा ध्यान रखते हैं. इसके बावजूद उन्हें सवारियां नहीं मिल पा रही हैं. अगर सरकार ने उन्हें जल्द आर्थिक मदद नहीं दी तो उनके लिए बड़ी मुश्किल खड़ी हो सकती है.
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टैक्सी चालकों को मिला विपक्ष का समर्थन
टैक्सी चालकों को पंजाब की विपक्षी पार्टी अकाली दल का भी समर्थन मिला है. अकाली दल के प्रवक्ता और पूर्व मंत्री दिलजीत सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब सरकार को जल्द ही टैक्सी चालकों के साथ ही स्कूल बसों, टेंपो चालकों को भी 5 हजार की आर्थिक मदद देनी चाहिए. इन लोगों के लिए अपना जीवन चलाना भी मुश्किल हो जाएगा.
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