यहां आदिवासी सालों से पी रहे गड्ढे का पानी, कलेक्टर बोले- कराएंगे बोरवेल, नहीं होगी परेशानी Here the tribals have been drinking the water of the pit for years, the collector said – will provide borewell, there will be no problem | dantewada – News in Hindi

यहां आदिवासी सालों से पी रहे गड्ढे का पानी, कलेक्टर बोले- कराएंगे बोरवेल, नहीं होगी परेशानी!

दंतेवाड़ा के एक गांव में आदिवासी गड‌्ढे का पानी पीने को मजबूर हैं. फोटो एएनआई.

छत्तीसगढ़ के बस्तर (Bastar) संभाग के दंतेवाड़ा (Dantewada) जिले के कई गांवों में पीने के शुद्ध पानी की गंभीर समस्या है.

दंतेवाड़ा. स्तर (Bastar) संभाग के दंतेवाड़ा (Dantewada) जिले के कई गांवों में पीने के शुद्ध पानी की समस्या बेहद गंभीर हो गई है. आलम ये है कि कई गांव व कस्बों के आदिवासी गड्ढे व झरिया का पानी पीने को मजबूर हैं. दंतेवाड़ा के पखानचुआन गांव का भी यही हाल है. यहां आदिवासी वर्षों से एक गड्ढे का पानी पीने को मजबूर हैं. इसी गड्ढे के पानी से निस्तारी समेत अन्य कार्यों के लिए पानी की व्यवस्था भी की जाती है. नक्सल प्रभावित इस इलाके के ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या के समाधान के लिए प्रशासन द्वारा कोई उचित कदम अब तक नहीं उठाया गया है.

दंतेवाड़ा के पखनाचुआन गांव में पानी को लेकर बड़ी परेशानी है. गांव के एक निवासी ने कहा, ‘हम सालों से गड्ढे का पानी पी रहे हैं. हमें प्रशासन से कोई मदद नहीं मिली है. अब तक गांव में पीने के पानी को लेकर कोई भी उचित व्यवस्था नहीं होने से परेशानी का सामना करना पड़ता है’. हालांकि, अब जिला प्रशासन ने परेशानी दूर करने का दावा किया है.

कलेक्टर ने कही ये बात
गांवों में पानी की समस्या को लेकर दंतेवाड़ा जिले के कलेक्टर दीपक सोनी का कहना है कि ‘पखानचुआन गांव में पानी की समस्या की जानकारी मिली है. हम इस मुद्दे को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं. गांव में बोरवेल के लिए ड्रिलिंग का काम चल रहा है. बोरवेल हो जाने के बाद गांव में पानी की परेशानी दूर हो जाएगी.’ बता दें कि सिर्फ दंतेवाड़ा ही नहीं बस्तर संभाग के घोर नक्सल प्रभावित सुकमा, बीजापुर जिलों के कई गांवों में भी इसी तरह की समस्या देखने को मिलती है.

ये भी पढ़ें:
रात में अचानक थाने पहुंचे विधायक तो शराब पार्टी करते मिले पुलिस कर्मी, फिर..

दिल्ली में कोरोना से मरने वालों के लिए पंजाबी बाग श्मशान में कम पड़ी जगह, यहां भेजने पड़े शव


First published: June 13, 2020, 10:12 AM IST




Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here