मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा है कि कोरोना वायरस के परिणाम स्वरूप पूरा देश प्रभावित है. ( फोटो-PTI)
सीएम भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel) ने कहा कि राज्य का बस्तर और सरगुजा संभाग सहित अन्य संभागों में आदिवासी वर्ग की बहुलता है. साथ ही छत्तीसगढ़ में 10 आकांक्षी जिले भी हैं.
मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा है कि कोरोना वायरस के परिणाम स्वरूप पूरा देश प्रभावित है. इस भयंकर महामारी- त्रासदी के कारण रोज कमाने खाने वाले हमारा सर्वहारा प्रवासी मजदूर वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है. उनके वर्तमान कार्य स्थलों में नियोजन- रोजगार के अवसर समाप्त होने के कारण प्रवासी मजदूरों को विवश होकर गृह राज्य लौटना पड़ा है. छत्तीसगढ़ राज्य में अब-तक लगभग 5 लाख प्रवासी मजदूर वापस आ चुके हैं. मजदूरों का गृह राज्य में वापस लौटना अभी भी जारी है. राज्य के लगभग तीन-चैथाई क्षेत्र अत्यंत पिछड़े एवं वन क्षेत्र हैं, जहां पर राज्य के लगभग 80 प्रतिशत अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछड़े वर्ग के लोग निवासरत हैं. राज्य की लगभग 90 प्रतिशत जनसंख्या कृषि एवं सामान्य मजदूरी पर निर्भर है, जो सामान्यतः असंगठित क्षेत्र, कृषि मजदूर एवं सीमांत कृषक हैं.
गरीब कल्याण रोजगार अभियान में छत्तीसगढ़ को सम्मिलित किया जाए
सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि राज्य का बस्तर और सरगुजा संभाग सहित अन्य संभागों में आदिवासी वर्ग की बहुलता है. साथ ही छत्तीसगढ़ में 10 आकांक्षी जिले भी हैं. ऐसे में गरीब कल्याण रोजगार अभियान में छत्तीसगढ़ को सम्मिलित नहीं किये जाने से यहां के गरीबों, कृषि मजदूरों, प्रवासी मजदूरों एवं सीमांत किसानों में अत्यंत निराशा का भाव है. उपरोक्त दृष्टि से राज्य वापस लौटे प्रवासी श्रमिकों के साथ-साथ राज्य में निवासरत मजदूरों को भी तत्कालिक रूप से रोजगार उपलब्ध कराना प्राथमिक आवश्यकता है. मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी से अनुरोध करते हुए लिखा है कि छत्तीसगढ़ राज्य के समस्त जिलों को ’गरीब कल्याण रोजगार अभियान’ में तत्काल शामिल किया जाये ताकि राज्य के सभी प्रवासी श्रमिकों के जीवकोपार्जन के लिए उनकी रूचि एवं कौशल के अनुरूप रोजगार व स्वरोजगार के अवसर प्राप्त हो सके. मुख्यमंत्री ने विश्वास प्रकट किया है कि इस संबंध में राज्य के प्रवासी मजदूरों के हितार्थ त्वरित निर्णय लिया जाएगा.
First published: June 22, 2020, 12:21 PM IST

