कोरोना वायरस: क्या ग्लोबल हॉटस्पॉट बनने की राह पर है दिल्ली? – Corona virus delhi on its way to becoming a global hotspot

  • दिल्ली में मंगलवार को कोरोना के 3,947 नए केस रिपोर्ट हुए
  • हर दस लाख की आबादी पर दिल्ली में 347 केस दर्ज

मंगलवार, 23 जून को, कोरोना वायरस के नए केसों को लेकर भारत के लिए एक चिंताजनक रिकॉर्ड बना. देश की राजधानी दिल्ली ने इस दिन दुनिया के किसी भी शहर की तुलना में अधिक नए केस दर्ज किए.

दिल्ली ने मंगलवार को 3,947 नए केस रिपोर्ट किए. यह भारत में अब तक किसी भी शहर के लिए किसी भी दिन के लिए नए केसों का सबसे ऊंचा आंकड़ा है. यहीं नहीं महाराष्ट्र और तमिलनाडु को पीछे छोड़ते हुए दिल्ली ने किसी भी राज्य से ज्यादा नए केस मंगलवार को दर्ज किए. यह भारत में किसी भी राज्य के लिए 23 जून के लिए ही नहीं बल्कि महामारी की अब तक की पूरी अवधि के किसी भी एक दिन के लिए नए केसों की सबसे बड़ी संख्या है.

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23 जून को, दिल्ली ने साओ पाउलो (ब्राजील), सैंटियागो (चिली) या लीमा (पेरू) से अधिक नए केस दर्ज किए. लैटिन अमेरिका के ये तीनों महानगर ग्लोबल Covid-19 हॉटस्पॉट्स बने हुए हैं. 23 जून को दिल्ली में न्यूयॉर्क सिटी या मॉस्को की तुलना में भी अधिक नए केस रिपोर्ट हुए. न्यूयॉर्क और मॉस्को, दो अन्य प्रमुख शहर हैं जो हाल तक हर दिन हज़ारो नए केस रिपोर्ट करते रहे हैं, लेकिन इस महीने में वहां गिरावट का ट्रेंड देखा जा रहा है.

चूंकि शहर-वार डेटा किसी अथॉरिटी ने संकलित नहीं किया है, इसलिए ये डेटा हर देश की आधिकारिक वेबसाइटों से संकलित किया गया.

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हालांकि कुछ कुल केसों की संख्या को लेकर दिल्ली अभी भी दुनिया के सबसे बुरी तरह प्रभावित शहरों से कुछ दूरी पर है. मंगलवार तक, मुंबई में अभी भी दिल्ली के 66,602 कुल केसों की तुलना में लगभग 2,000 अधिक केस थे. दुनिया के उन शहरों में जहां अब भी महामारी तेजी से बढ़ रही है, सैंटियागो में सबसे अधिक करीब दो लाख केस रिपोर्ट हो चुके हैं. केसों की कुल संख्या में मॉस्को और न्यूयॉर्क सिटी सबसे ऊपर हैं, लेकिन इन शहरों में महामारी धीमी हो गई है. जल्द ही उन्हें लैटिन अमेरिकी हॉटस्पॉट्स पीछे छोड़ देंगे.

आबादी के अनुपात में केसों को लेकर दिल्ली में अभी भी ग्लोबल हॉटस्पाट्स से बहुत कम केस हैं. हर दस लाख की आबादी पर दिल्ली में 347 केस दर्ज हुए हैं. अगर सैंटियागो की बात की जाए तो वहां हर दस लाख की आबादी पर 28,000 से अधिक केस हैं. दिल्ली में मुंबई (5,478 प्रति दस लाख) या चेन्नई (6,226 प्रति दस लाख) की तुलना में इसकी आबादी के हिसाब से कम केस हैं.

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अधिकतर दिनों में, दिल्ली ने अपने लैटिन अमेरिकी समकक्ष शहरों की तुलना में बहुत कम मौतें रिपोर्ट की हैं. दिल्ली में कुल 2,301 मौतें हुई हैं. न्यूयॉर्क शहर में इससे आठ गुना ज्यादा मौतें दर्ज हुई हैं.

पिछले एक हफ्ते से दिल्ली ने हर दिन की जाने वाली टेस्टिंग को काफी बढ़ाया है. तो क्या ये हर दिन नए केसों की ऊंची संख्या पर कोई संकेत है? नहीं ये, पूरी स्थिति को नहीं बताता. चिली सहित कुछ लैटिन अमेरिकी देशों में भी RT-PCR और एंटीजन टेस्ट दोनों किए जाते हैं और सैंटियागो की गिनती में दोनों टेस्ट शामिल हैं. दिल्ली के अतिरिक्त एंटीजन टेस्ट अकेले में केसों की संख्या में बड़ी वृद्धि की व्याख्या नहीं करते.

दिल्ली में हर दिन होने वाली टेस्टिंग 17 जून को 8,093 थी. 23 जून तक यह बढ़कर 16,952 तक पहुंच गई. वहीं हर आने वाले नए केस 17 जून को 2,414 थे, जो 23 जून को बढ़कर 3,947 हो गए.

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