Hong Kong police made first arrest under disputed law, treason case to be carried out on 370 people | विवादित कानून के तहत हांगकांग पुलिस ने की पहली गिरफ्तारी, 370 लोगों पर चलेगा राष्ट्रद्रोह का केस!

हांगकांग: हांगकांग (Hong Kong) पुलिस ने चीनी सरकार (China) द्वारा लागू नए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत बुधवार को पहली गिरफ्तारी की है. इससे पूर्व ब्रिटिश उपनिवेश को चीनी शासन को सौंपे जाने की वर्षगांठ पर इस विवादास्पद कदम के खिलाफ हजारों लोगों ने प्रदर्शन किया. पुलिस ने कहा कि इस कानून के तहत कम से कम दस लोग गिरफ्तार किये गये हैं. इनमें से दो लोगों को हांगकांग की स्वतंत्रता की मांग कर पोस्टर और झंडे दिखाने के लिए गिरफ्तार किया गया.

ट्विटर पर पुलिस के बयान के मुताबिक, एक व्यक्ति को पुलिस ने शहर के काउजवे बे जिले से गिरफ्तार किया, जिसके हाथ में हांगकांग की स्वतंत्रता का ध्वज था. पुलिस ने प्रदर्शन कर रही भीड़ को कई बार चेतावनी दी थी कि वे कानून का उल्लंघन कर रहे हैं. पुलिस ने बाद में ब्रिटिश झंडे वाला एक पोस्टर हाथ में उठाने और हांगकांग की स्वतंत्रता की अपील कर रही एक अन्य महिला को गिरफ्तार किया.

पुलिस ने फेसबुक पर कहा कि उसने अवैध रूप से जमा होने, हथियार रखने और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून का उल्लंघन करने समेत विभिन्न आरोपों में 370 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है. इस संबंध में और ब्योरों की प्रतीक्षा की जा रही है. अर्ध स्वायत्त क्षेत्र में पिछले साल हुए सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बाद चीन द्वारा लागू यह कानून मंगलवार को रात 11 बजे से प्रभावी हुआ. यह कानून अलगाववादी, विध्वंसक या आतंकवादी गतिविधियों को अवैध बनाने के साथ ही शहर के आंतरिक मामलों में विदेशी हस्तक्षेप को रोकता है.

इसके अनुसार, शहर की स्वतंत्रता की अपील करने वाले नारे लगाने या पोस्टर और झंडा लहराने जैसी अलगाववादी गतिविधियों में किसी व्यक्ति का हिस्सा लेना, कानून का उल्लंघन है, भले ही इस दौरान हिंसा हुई हो या नहीं. कानून का सबसे गंभीर अपराधी यानि जिसे अपराध का मुख्य षड्यंत्रकारी माना जाएगा, उसे अधिकतम उम्रकैद की सजा हो सकती है. कम गंभीर अपराध करने वालों को तीन साल तक की सजा मिल सकती है या कम समय के लिए हिरासत में रखा जा सकता है. हांगकांग की नेता कैरी लैम ने औपनिवेशिक ब्रिटेन से इस अर्द्धस्वायत्त क्षेत्र को सौंपे जाने की वर्षगांठ पर बुधवार को अपने भाषण में इस नये सुरक्षा कानून को लागू किए जाने का पुरजोर समर्थन किया.

ये भी पढ़ें:- कोरोना: जून सबसे भयावह महीना, कुल मौतों में से 70% मौतें इन 3 राज्यों में




Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here