India taken 10 stern action against china, know full details | भारत ने चीन के बाजार पर किए ये 10 कड़े ‘प्रहार’, ड्रैगन हुआ बेदम

नई दिल्ली: चीन के खिलाफ भारत ने पहले LAC पर मुंहतोड़ जवाब दिया और उसके बाद चीन के बाजार पर प्रहार किया है. उससे चीन घबरा गया है. भारत ने सरहद से बाजार तक चीन के खिलाफ 10 प्रहार किए हैं. लद्दाख में भारत के खिलाफ धोखे और चालबाजी की क्या कीमत चुकानी पड़ सकती है वो अब चीन को समझ में आने लगा है. 

पहला ‘प्रहार’: चीन के सैनिकों पर पलटवार 
गलवान में भारतीय जाबांजों ने चीन के 45 से 50 सैनिकों को मौत के घाट उतार दिया. कई सैनिकों की गर्दनें और रीढ़ की हड्डियां तोड़ दीं. 

दूसरा प्रहार:  LAC पर बड़ी तैयारी 
लद्दाख में LAC पर भी भारत ने चीन की किसी भी गुस्ताखी का करारा जवाब देने के लिए हर बड़ी तैयारी कर ली है. लद्दाख में भारत ने आकाश मिसाइल, भीष्म टैंक और बोफोर्स तैनात किया है. वायुसेना के लड़ाकू विमान तैयार कर लिए गए हैं.  

तीसरा प्रहार: मोबाइल ऐप बैन 
तीसरा बड़ा प्रहार भारत ने आर्थिक मोर्चे पर किया. चीन कंपनियों के 59 मोबाइल ऐप्स पर पाबंदी लगाकर भारत ने चीन की अर्थव्यवस्था की रीड़ तोड़ने की शुरुआत कर दी. चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने माना है कि भारत में बैन से टिकटॉक की पैरंट कंपनी ByteDance को अरबों डॉलर का नुकसान हो सकता है. अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने भी ऐप पर पाबंदी लगाना के समर्थन किया

चौथा प्रहार: पीएम मोदी ने चीन का Weibo छोड़ा 
59 चाइनीज ऐप बैन करने के बाद अगल कड़ा संदेश खुद प्रधानमंत्री मोदी ने निजी तौर पर दिया. पीएम मोदी ने चीन के Weibo पर अपना अकाउंट छोड़ दिया है. Weibo चीन का अपना ट्विटर है, जिस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2015 में अपना अकाउंट बनाया था. 

पांचवां प्रहार: सड़क निर्माण में चीन की नो एंट्री
पांचवां प्रहार देश में सड़क निर्माण में शामिल चीन की कंपनियों पर हुआ. सड़क और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने साफ कह दिया है  भारत अपने हाईवे प्रोजेक्ट्स में अब चीन की कंपनियों को एंट्री नहीं देगा. 

छठा प्रहार: उत्तर प्रदेश में चीन की एंट्री बंद 
छठा प्रहार उत्तर प्रदेश से चीन की कंपनियों को मिला है. उत्तर प्रदेश में अब सड़कों, भवनों, पुलों, रेलवे ओवर ब्रिज और फ्लाई ओवर के निर्माण में चीन के किसी भी उत्पाद का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा. 

सातवां प्रहार: संचार में चीन की नो एंट्री
चीन को झटका देने वाला सातवां प्रहार संचार क्षेत्र से जुड़ा है. संचार के क्षेत्र में भी भारत अब चीन की कंपनियों को रोकेगा. MTNL और BSNL चीन के 4G अपग्रेडेशन का टेंडर रद्द कर दिया है. नए टेंडर में चीन की कंपनियों को शामिल नहीं किया जाएगा. 

आठवां प्रहार: रेलवे में चीन पर पाबंदी
भारतीय रेल की परियोजनाओं में चीन की कंपनियों की एंट्री रोकने की शुरुआत हो गई है. चीन की कंपनियों को झटका देते हुए रेलवे ने थर्मल कैमरा खरीदने के लिए टेंडर को रद्द कर दिया है. 

नौवां प्रहार: रेलवे में चीन की कंपनियों को ठेका नहीं 
रेलवे के कई प्रोजेक्ट्स में सिग्नलिंग सिस्टम और अंडरग्राउंड कॉरिडोर बनाने के लिए कई बड़ी चाइनीज़ कंपनियों को मिले ठेकों की समीक्षा करके इन्हें रद्द करने के संकेत मिल चुके हैं.  

दसवां प्रहार: चीन से आयात पर लगाम
चीन से आयात पर लगाम पर लगाम लगा दी गई है. चीन समझ ले अभी तो सिर्फ झांकी है, बहिष्कार का निर्णायक लड़ाई अभी तो शुरू हुई है.  




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