वॉशिंगटन: कोरोना (Corona Virus) महामारी ने अमेरिका को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है, लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) जल्द से जल्द सबकुछ पहले जैसा चाहते हैं. ट्रंप ने अब स्कूलों को चेतावनी दी है कि यदि स्कूल पूरी तरह से नहीं खुले तो उन्हें मिलने वाली सरकारी मदद में कटौती की जाएगी.
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि यदि सभी स्कूल नवंबर तक पहले की तरह नहीं खुलते हैं, तो उन्हें मिलने वाली फेडरल फंडिंग में कटौती की जाएगी. इससे पहले ट्रंप ने वादा किया था कि वे स्कूलों को फिर से खोलने के लिए प्रबंधन पर दबाव बनाएंगे.
दूसरे देशों का दिया हवाला
राष्ट्रपति ने अपने ट्वीट में कहा, ‘जर्मनी, डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन और कई अन्य देशों में स्कूल बिना किसी परेशानी से खुल रहे हैं. डेमोक्रेटिक नेताओं को लगता है कि यदि अमेरिकी स्कूल नवंबर चुनाव से पहले खुलते हैं, यह राजनीतिक रूप से उनके लिए बुरा होगा, लेकिन स्कूलों का खुलना बच्चों और उनके परिजनों के लिए महत्वपूर्ण है’.
In Germany, Denmark, Norway, Sweden and many other countries, SCHOOLS ARE OPEN WITH NO PROBLEMS. The Dems think it would be bad for them politically if U.S. schools open before the November Election, but is important for the children & families. May cut off funding if not open!
— Donald J. Trump (@realDonaldTrump) July 8, 2020
दिशानिर्देशों की आलोचना
डोनाल्ड ट्रंप ने स्कूलों को फिर से खोलने के लिए रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र के दिशानिर्देशों की भी आलोचना की. उन्होंने अपने ट्वीट में कहा, ‘स्कूलों को फिर से खोलने को लेकर रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र ने जो दिशानिर्देश तैयार किये हैं, मैं उनसे पूरी तरह असहमत हूं. वे (केंद्र) स्कूल खोलना चाहते हैं, लेकिन उनके द्वारा स्कूलों से की जा रही मांग बहुत ही अव्यवहारिक है. मैं इस संबंध में उनके साथ बैठक करूंगा’.
I disagree with @CDCgov on their very tough & expensive guidelines for opening schools. While they want them open, they are asking schools to do very impractical things. I will be meeting with them!!!
— Donald J. Trump (@realDonaldTrump) July 8, 2020
कुछ सुनना नहीं चाहते
गौरतलब है कि कोरोना वायरस ने सबसे ज्यादा तबाही अमेरिका में मचाई है जबकि दूसरे नंबर पर ब्राजील है. इसके बावजूद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सबकुछ पहले की तरह करना चाहते हैं. विशेषज्ञ कई बार यह साफ कर चुके हैं कि वायरस अभी खत्म नहीं हुआ है, लिहाजा किसी भी किस्म की जल्दबाजी भारी पड़ सकती है, मगर ट्रंप कुछ भी सुनना नहीं चाहते. भारत में भी कोरोना के प्रकोप को देखते हुए शिक्षा संस्थान फिलहाल बंद चल रहे हैं.
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