corona virus Symptoms are pinning and diarrhea: Unknown Symptoms Of Covid-19: शरीर में सुइयां चुभना और डायरिया भी हैं कोविड-19 के लक्षण, इस संक्रमण के बारे में सभी को पता होनी चाहिए ये बातें – hidden or unknown symptoms of corona virus are pinning and diarrhea in hindi

Edited By Garima Singh | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:

NBT

कोविड-19, कोरोना वायरस द्वारा फैलनेवाला एक संक्रमित रोग है। इसके सामान्य लक्षण तो अन्य सीजनल फ्लू जैसे ही होते हैं। लेकिन यह बीमारी उन मौसम जनित बीमारियों से अधिक घातक है। इसकी वजह है कोरोना वायरस में लगातार होता म्यूटेनश और इसकी अलग-अलग स्ट्रेन्स का विकसित होना। जैसे-जैसे इस वायरस के बारे में हेल्थ एक्सपर्ट्स को नई जानकारियां मिल रही हैं, वैसे-वैसे इस बीमारी से जुड़े नए लक्षण और इसके कारण होनेवाली अन्य दिक्कतों के बारे में पता चल रहा है।

अधिकतर केसेज में मिलते हैं ये लक्षण

-कोविड-19 से पीड़ित मरीजों में 80 प्रतिशत केस माइल्ड होते हैं, जो एक रेग्युलर कोल्ड की तरह अनुभव कराते हैं और रीकवर हो जाते हैं। इनमें अक्सर किसी खास इलाज की जरूरत नहीं होती। कई बार मरीज को इसका पता भी नहीं चलता कि वह कोविड-19 से ग्रसित है।

This Type Of AC Spread Corona: इन दो तरह के एसी में दूसरे नंबर का है बेस्ट, नहीं फैलाता है कोरोना संक्रमण

गंभीर स्तर पर पहुंचते हैं ऐसे मरीज

-अब तक हुई अलग-अलग देशों की रिसर्च और उनकी आपसी तुलना के आधार पर हर 6 में से 1 व्यक्ति पर कोरोना का असर बहुत गंभीर स्तर तक पहुंच जाता है। यह स्थिति खासतौर पर उन लोगों में देखने को मिलती है, जो पहले से ही किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हों। जैसे, हार्ट की बीमारी, बीपी, डायबीटीज या कोई क्रानिक रेस्पेरेट्री कंडीशन जैसे अस्थमा का रोग।

NBT

डायरिया और शरीर में सुइयां चुभना भी हो सकते हैं कोविड के लक्षण

कोरोना के कुछ खास लक्षण

-कोरोना के कुछ ऐसे लक्षण भी हैं, जो हर मरीज में देखने को नहीं मिलते हैं। इसकी वजह अभी साफ तौर पर स्पष्ट नहीं हो पाई है लेकिन एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि ऐसा व्यक्ति की अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता और शारीरिक स्थिति के साथ ही मेडिकल हिस्ट्री पर भी निर्भर करता है।

Monsoon Diet For Vitamin-D: अपनी मॉनसून डायट में शामिल करें ये चीजें, पूरी होगी विटमिन-डी की कमी

-नैशनल हेल्थ सर्विस (NHS)यूके में कोविड-19 के कुछ खास लक्षण देखे गए। इनमें रोगी का बॉडी टेम्प्रेचर बहुत अधिक बढ़ जाता है। इतना अधिक कि यदि व्यक्ति अपने चेस्ट और पीठ पर हाथ लगाए तो उसे बहुत अधिक गर्मी का अहसास होता है।


Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here