when we get first covid 19 vaccine: Coronavirus Vaccine Next Step: रूस, अमेरिका या ब्रिटेन जो भी लाए पहली वैक्सीन, होनी चाहिए ये खूबियां – how many successful human trial of corona vaccine are done when we get first covid 19 vaccine in hindi

Edited By Garima Singh | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:

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रूस की वैक्सीन के इंसानों पर सफल परीक्षण के बाद ब्रिटेन और अमेरिका भी से ऐसी ही खुशी की खबर आई है। ब्रिटेन की ऑक्सफॉर्ड यूनिवर्सिटी और अमेरिका की मॉडर्ना कंपनी द्वारा तैयार की जा रही वैक्सीन्स का भी इंसानों पर ट्रायल किया गया था, जिसका परिणाम सकारात्मक आया है। अब जल्द ही इन वैक्सीन्स के बनकर मार्केट में आने की उम्मीद है…

इन वैक्सीन्स के शोधकार्यों से जुड़े हेल्थ एक्सपर्ट्स द्वारा तो यह उम्मीद जताई जा रही है कि यह टीका सितंबर के महीने में ही मार्केट में आ सकता है। यदि सब कुछ तय समय के अनुसार पूरा हो जाता है तो कोरोना से जूझ रहे लोगों के लिए यह एक बड़ी राहत होगी। आइए, यहां जानते हैं कि अभी इन वैक्सीन्स को किन-किन पैरामीटर्स पर खरा उतरना है? साथ ही यह भी कि कोरोना संक्रमण की सबसे पहले मार्केट में आनेवाली वैक्सीन से दुनियाभर को किस तरह की उम्मीदें रहेंगी। ताकि सेहत के मोर्चे पर कोविड-19 से जूझ रहे लोगों और उनके परिजनों को डर से मुक्ति मिले…

अभी कितना काम बाकी है?

-ब्रिटेन की वैक्सीन का ट्रायल अभी मात्र 15 लोगों पर किया गया है। जानकारी के अनुसार, इन सभी लोगों को कुछ सामान्य-सी समस्याओं के अलावा वैक्सीन के कारण कोई सेहत संबंधी समस्या नहीं हुई है। अब इसके ट्रायल के लिए इंसानों की संख्या बढ़ाकर 200 से 300 की बीच रखी जाने की संभावना है।

-यदि इन सभी लोगों पर इस वैक्सीन के परिणाम सकारात्मक रहते हैं और इन्हें इस वैक्सीन के कारण सेहत से जुड़ी कोई समस्या नहीं होती है तो फिर इस वैक्सीन का ट्रायल ब्रिटेन के 8 हजार और दक्षिण अफ्रीका तथा ब्राजील के 6 हजार लोगों पर किया जाएगा।

-जब इन सभी की रिपोर्ट्स भी सकारात्मक परिणामों को लेकर आएंगी। तब कंपनी इस वैक्सीन को सफल मानते हुए इसका मास प्रॉडक्शन करेगी और जल्द से जल्द इस वैक्सीन को बाजार में उतारने की कोशिश करेगी। यदि जांच की इस प्रक्रिया में किसी तरह की दिक्कत होती है तो जरूरी बदलावों के साथ इस वैक्सीन के सुरक्षित होने की सुनिश्चितता तय की जाएगी।

अमेरिका का कितना काम बाकी?

-अमेरिकी कंपनी मॉडर्ना द्वारा तैयाक की गई वैक्सीन का ट्रायल पहले ह्यूमन ट्रायल फेज में 45 लोगों पर किया गया है। शोध से जुड़े सूत्रों के अनुसार, इन सभी पर इस वैक्सीन का असर उम्मीद के मुताबिक देखने को मिला है। इन सभी को किसी खास तरह की शारीरिक समस्या नहीं हुई।

-जिन लोगों पर इस वैक्सीन का ट्रायल किया गया, उनमें से करीब आधे लोगों में सिरदर्द, शरीर में दर्द या हल्की थकान जैसे रिऐक्शन देखने को मिले। ये सभी लक्षण बेहद सामान्य हैं और किसी अन्य टीकाकरण के बाद भी कुछ लोगों की बॉडी इस तरह के रिऐक्शंस देती है।

-अब मॉडर्ना की तरफ से भी इस वैक्सीन के अगले फेज के ट्रायल की तैयारी की जा रही है। इस नेक्स्ट लेवल पर कितने लोगों को यह वैक्सीन दी जाएगी, इस बारे में अभी कोई पुख्ता जानकारी नहीं मिल पाई है। लेकिन ऊपर जिन सभी घटनाक्रमों का जिक्र किया गया है, उन्हें देखते हुए एक बात तो साफ है कि सभी देश जल्दी से जल्दी कोरोना संक्रमण की वैक्सीन लॉन्च कर देना चाहते हैं।

पहली वैक्सीन से रहेंगी इस तरह की उम्मीदें

-कोविड-19 की पहली वैक्सीन चाहे दुनिया का कोई भी देश लॉन्च करे। यह बात तो साफ है कि अन्य देशों के निवासी भी उस वैक्सीन को लेना चाहेंगे और उस वैक्सीन की मांग विश्व स्तर पर होगी।

– लेकिन हेल्थ सेक्टर से जुड़े लोगों को जो एक बात आशंकित कर रही है, वह यह है कि क्या किसी एक देश द्वारा डिवेलप की गई वैक्सनी अन्य देशों के निवासियों पर भी उतनी ही प्रभावी होगी? यह सवाल हर देश की भौगोलिक स्थिति अलग होने के कारण भी उठ रहा है।

-ऐसा इसलिए है क्योंकि अलग-अलग भौगोलिक परिस्थितियों के कारण कोरोना संक्रमण के असर और उसके लक्षणों में बदलाव देखा गया है। ऐसे में इस बात को लेकर हेल्थ एक्सपर्ट संशय जता रहे हैं कि क्या जितने तरह के कोरोना के लक्षण हैं, हमें उतनी ही तरह की वैक्सीन विकसित करनी हैं? या कोई एक ऐसी वैक्सीन भी विकसित की जा सकती है जो हर तरह के कोविड-19 संक्रमण को खत्म कर सके!

हमारे देश में सबसे पहले आ सकती है खुशखबरी

-हमारे देश में अलग-अलग कई कंपनियां कोरोना की वैक्सीन इज़ात करने में लगी हैं। इस दिशा में हमें लगातार सफलता भी मिल रही है। भारत में पूरी तरह स्वदेशी वैक्सीन अपने पहले ट्रायल फेज को सफलता पूर्वक पूरा कर अब ट्रायल के दूसरे चरण में पहुंच चुकी है। आपको जानकर खुशी होगी कि इस बात की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है कि हमारा देश रूस, अमेरिका और ब्रिटेन से पहले कोविड-19 की वैक्सीन को लॉन्च कर दे।


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