
Rajasthan Congress Government Crisis Updates: राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार में दोफाड़
Rajasthan Congress Government Crisis : राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार में दोफाड़ होने की खबर के बाद सचिन पायलट की ओर से दावा किया गया था कि उनके पास करीब 30 विधायकों का समर्थन है. इसके बाद गहलोत ने सोमवार को अपने विधायक दल की बैठक बुलाई थी, जिसमें व्हिप जारी करते हुए सभी विधायकों को बैठक में मौजूद रहने को कहा गया था. लेकिन इस मीटिंग में न पायलट आए, न ही उनके खेमे के बागी विधायक. मंगलवार को फिर विधायक दल की बैठक रखी गई, लेकिन पायलट और उनके साथी विधायक फिर नहीं आए. इस रुख पर कांग्रेस ने पायलट को डिप्टी सीएम और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के पद से हटा दिया गया. वहीं दो कैबिनेट मंत्रियों- विश्वेंद्र सिंह और रमेश मीणा के पद भी छीन लिए गए. बुधवार को पार्टी ने देरी न करते हुए बागी विधायकों पर भी कार्रवाई शुरू कर दी. इन विधायकों को अयोग्य ठहराने के लिए पार्टी शिकायत लेकर विधानसभा स्पीकर के पास पहुंची, जिन्होंने इन विधायकों को नोटिस भेजकर 17 जुलाई तक जवाब मांगा है.
Rajasthan Congress Government Crisis Updates:
कोर्ट पहुंचे जज
एनडीटीवी संवाददाता के मुताबिक राजस्थान मामले में सुनवाई के लिए जज कोर्ट पहुंच चुके हैं.
पायलट खेमे से दलीलें पेश करेंगे वकील मुकुल रोहतगी
पायलट खेमे की ओर से फिलहाल टॉप के सरकारी वकील मुकुल रोहतगी दलीलें पेश करेंगे. मुकुल रोहतगी को 2014 में बीजेपी की सरकार बनने के बाद अटॉर्नी जनरल बनाया गया था. वहीं कांग्रेस ने स्पीकर सीपी जोशी का पक्ष रखने के लिए अभिषेक मनु सिंघवी को उतारा है.
कांग्रेस का आरोप है कि ये विधायक पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त थे, जिसपर उनसे जवाब मांगा गया है. अगर वो इसपर जवाब नहीं देते हैं, तो उनकी विधानसभा की सदस्यता रद्द कर दी जाएगी.
राजस्थान विधानसभा स्पीकर की ओर से नोटिस भेजा गया
सचिन पायलट सहित 19 विधायकों को राजस्थान विधानसभा स्पीकर की ओर से बुधवार को नोटिस भेजा गया था. स्पीकर ने इन विधायकों को नोटिस भेजकर 17 जुलाई तक जवाब मांगा है.
राजस्थान कांग्रेस के बागी विधायकों को अयोग्यता नोटिस भेजे जाने का मामला राजस्थान हाईकोर्ट में पहुंच गया है. पायलट कैम्प के विधायकों ने कांग्रेस के इस कदम को राजस्थान हाईकोर्ट में चुनौती दी है. गुरुवार को दोपहर 3 बजे इस याचिका पर सुनवाई होगी.
Source link

