coronavirus symptoms in child’s: Coronavirus In Children: बच्चों में इस बीमारी के लक्षणों के साथ आ रहा है कोरोना, देश में बढ़ रहे मामले – coronavirus symptoms in children are reflecting kawasaki disease in hindi

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अभी तक कोरोना संक्रमण के केस बच्चों में बहुत ही कम देखने को मिल रहे थे, जो बच्चे इस बीमारी से संक्रमित हुए भी उनमें फ्लू के लक्षण या सीजनल बीमारियों के लक्षण अधिक देखने को मिल रहे थे। हालांकि अब बच्चों में कोरोना के मामले बढ़ने लगे हैं। खास बात यह है कि कोरोना बच्चों में अपने लक्षणों के साथ हावी नहीं हो रहा है। बल्कि कावासाकी नामक बीमारी के लक्षणों को दिखा रहा है…

क्या है कावासाकी बीमारी?

-मेडिकल एक्सपर्ट्स के अनुसार, कावासाकी एक किडनी संबंधी डिसऑर्डर होता है। ऐसा नहीं है कि कोरोना के अन्य मामलों की तरह दुनियाभर के बच्चों में यह अलग लक्षण दिखा रहा है। जानकारी के अनुसार, अमेरिका, इंग्लैंड, इटली और चीन में भी कोरोना संक्रमित बच्चों में ऐसे ही लक्षण देखने को मिले हैं।

-हमारे देश में भी मुंबई और दिल्ली में अभी गिनती के ऐसे केस सामने आए हैं, जिनमें बच्चों को कोविड पॉजिटिव पाया गया है। लेकिन इन सभी मामलों में कोरोना ने कावासाकी बीमारी के ही लक्षण दिखाए हैं।

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बच्चों में कोरोना के लक्षण

क्या हैं कावासाकी के लक्षण?

-कावासाकी बीमारी में बच्चे को तेज बुखार हो सकता है।

-बच्चे की आंखें लाल हो जाती हैं और उसकी गर्दन के आस-पास गांठ बन जाती है।

-बच्चे के होंठ, जीभ और हाथ सुर्ख लाल हो जाते हैं। शरीर पर जगह-जगह रैशेज पड़ जाते हैं।

-बच्चे की पाचन क्षमता कमजोर हो जाती है और उसका बीपी बहुत तेजी से कम होने लगता है। साथ ही ब्लड वेसेल्स में भी सूजन हो जाती है।

-बच्चे के हाथों और पैरों में सूजन आ जाती है। इस कारण उसे हाथ की मुट्ठी बांधने या पैर में चप्पल पहनने और चलने में दिक्कत हो सकती है।

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कोविड संक्रमित बच्चों में अन्य लक्षण

-कोरोना से संक्रमित बच्चों में शुरुआती स्तर पर कावासाकी के लक्षण दिखाई दे सकते हैं और बाद में उसकी स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। अभी तक जो कोविड-19 संक्रमित बच्चों के केस समाने आए हैं उनमें जो लक्षण देखे गए हैंवे इस प्रकार हैं…

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बच्चों में कैसे पहचानें कोरोना संक्रमण

-बच्चों को तेज फीवर हो रहा था और उनके पेट में दर्द भी था और रह-रहकर उल्टियां हो रहीं थी।

– सभी जरूरी टेस्ट और ईको करने पर बच्चों की सभी रिपोर्ट्स नॉर्मल थीं। लेकिन समय के साथ उनकी स्थिति इतनी बिगड़ने लगी कि कुछ बच्चों को वेंटिलेटर सपॉर्ट की भी जरूरत पड़ी।

-क्योंकि बच्चों का ब्लड प्रेशर धीरे-धीरे कम हो रहा था और उनके हार्ट फंक्शन में भी गिरावट होने लगी थी। इस स्थिति में कुछ बच्चों का कोविड-19 आरटीपीसीआर टेस्ट नेगेटिव आया लेकिन ऐंटिबॉडी टेस्ट पॉजिटिव आने पर इस बात की पुष्टि हो सकी की बच्चे कोरोना पॉजिटिव हैं।

-दवाओं और इम्यून थेरेपी के बाद बच्चों की हालत में सुधार हुआ और फिर कुछ समय बाद उन्हें हॉस्पिटल से डिसचार्ज कर दिया गया। इन मामलों में एक केस ऐसा भी था, जिसमें बच्चा पहले भी कोरोना का शिकार हो चुका है।

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क्यों होता है कावासाकी रोग?

-हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस बारे में अभी तक कोई पुख्ता जानकारी सामने नहीं आ पाई है कि आखिर बच्चों में यह कावासाकी रोग होता क्यों है। अभी तक इस बीमारी का कोई डाइग्नोस्टि टेस्ट भी नहीं है। लेकिन डाइग्नोस्टिक क्राइटेरिया के आधार पर इस रोग की जांच हो जाती है।

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