
बाढ़ के कारण निचले इलाकों में पानी भर गया है
पटना:
बिहार के बाढ़ (Bihar Flood) के कारण स्थिति लगातार खराब होती जा रही है.बागमती में उफान थमने के बाद अब मुजफ्फरपुर में बूढ़ी गंडक उफनाने लगी है. शहर के निचले इलाकों पर पानी का दबाव बढ़ गया है. जीरोमाइल स्थित अहियापुर थाने में भी बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया.अहियापुर थाना परिसर में पानी घुसने से पुलिस कर्मियों में अफरातफरी की स्थिति रही. सिकंदरपुर मुक्तिधाम के सटे नदी किनारे के झुग्गी-झोपड़ियों पर पानी चढ़ गया है. झील नगर और कर्पूरी नगर का भी यही हाल है. अब अगर नदी का जलस्तर तीन-चार फीट बढ़ा है तो पूरा इलाका डूबने लगेगा. दूसरी तरफ लखनदेई और मनुषमारा का पानी औराई और कटरा के बाढ़ प्रभावित इलाकों में फिर तेजी से फैल रहा है. लखनदेइ व मनुष मारा के जल स्तर में लगातार वृद्धि होने से खतरा बढ़ता जा रहा है दोनों नदियों का पानी औराई की 16 पंचायतों के संपूर्ण चौर में फैल गया है .धरहरवा, रामपुर, नयागांव, राजखंड उत्तरी व दक्षिणी समेत कई पंचायतों में करीब डेढ़ से दो हजार घरों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है. जबकि दो दर्जन पगडंडी व ग्रामीण सड़कें डूब गई हैं.
बिहार में बाढ़ की स्थिति बिगड़ रही हैं और कम से कम पाँच जिलो में बाढ़ का पानी कल तक फैल सकता हैं . नीतीश कुमार ने आपदा प्रबंधन विभाग को अलर्ट रहने का निर्देश दिया हैं .@ndtvindia @NitishKumar pic.twitter.com/pZpqR2sPTH
— manish (@manishndtv) July 20, 2020
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गौरतलब है कि मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के दौरानतेज बारिश की संभावना जताई है.साथ ही साथ गंडक नदी के जलग्रहण वाले इलाक़े और पड़ोसी देश नेपाल में भारी बारिश के बाद कई नदियों का जलस्तर निरंतर बढ़ रहा है. इस आधार पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने माना है कि भारी बारिश के कारण पश्चिमी चंपारण पूर्वी चंपारण गोपालगंज और मुज़फ़्फ़रपुर वैशाली और सारन ज़िले में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो सकती है. नीतीश ने आपदा प्रबंधन विभाग और सभी संबंधित जिलाधिकारियों को पूरी अलर्ट में रहने का निर्देश देते हुए कहा है कि निचले क्षेत्रों के लोगों को जल्द से जल्द निकालकर उन्हें ऊँचे और सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने की कार्रवाईजल्द से जल्द की जाएण्

