Weight Loss with Hot water as per Ayurveda

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मोटापा एक ऐसी समस्‍या है जो आज न सिर्फ बड़ों को बल्‍कि बच्‍चों को भी अपनी गिरफ्त में ले रहा है। है। इससे कई प्रकार की बीमरियों को जन्‍म मिलता है, जिससे जल्‍दी छुटकारा पाना मुश्‍किल होता है। मोटापा घटाने के लिए लोग नई-नई डाइट आजमाने के साथ जिम में खूब वर्कआउट भी करते हैं। कई लोग इसे कंट्रोल कर ले जाते हैं, मगर बहुत से लोगों को इससे फर्क महसूस नहीं दिखाई देता।

लेकिन आयुर्वेदिक उपचार अपनाकर आप मोटापे से काफी कुछ तक हद तक छुटकारा पा सकते हैं। इसमें दोष का कॉन्‍सेप्‍ट लागू होता। हमारे शरीर में तीन प्रकार के दोष हैं: वात (पवन), पित्त (अग्नि) और कफ (पृथ्वी)। ऐसा माना जाता है कि हर व्यक्ति का अपना अलग दोष होता है, जो उनके वजन बढ़ने का कारण हो सकता है। आयुर्वेद का मानना है कि कफ दोष वाले लोग वजन बढ़ने की अधिक संभावना रखते हैं। उनका मेटाबॉलिज्‍म काफी धीमा, ऑयली, स्‍मूथ और मुलायल होता है। अत्‍यधिक वजन को कंट्रोल करने में आयुर्वेद में अलग-अलग दृष्टिकोण हैं। अब आइए जानते हैं आयुर्वेद वजन घटाने में किस तरह से मदद कर सकता है…



1. इन मसालों से कम कीजिए अपना वजन

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आयुर्वेद की वैदिक परंपरा में पाचन बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आयुर्वेद के अनुसार, ऐसे कई मसाले और जड़ी-बूटियां हैं जो आपके पाचन में सुधार करके अतिरिक्त वजन कम करने में आपकी मदद कर सकते हैं। यहां तीन ऐसे मसाले दिए गए हैं

त्रिफला: त्रिफला एक प्राचीन आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है, जिसमें शरीर से विषाक्त पदार्थों को खत्म करने की क्षमता होती है। यह पाचन में सुधार करने में मदद करता है। आप त्रिफला पाउडर को रात के खाने के दो घंटे पहले और नाश्ते के आधे घंटे बाद गर्म पानी के साथ ले सकते हैं।

काली मिर्च: काली मिर्च में मौजूद यौगिक पिपेराइन वजन घटाने में मदद कर सकता है, क्योंकि यह एडिपोजेनेसिस (शरीर में वसा कोशिकाओं के निर्माण) की प्रक्रिया में बाधा डालता है। आप एक गिलास नींबू, शहद और पानी में एक चुटकी काली मिर्च मिला सकते हैं।

अदरक: अध्ययनों से पता चलता है कि अदरक में मौजूद 6-जिंजरोल, शरीर में सूजन को कम करने में मदद करता है। इससे वसा को जलाने में मदद मिलती है क्योंकि इसमें एंटीओबेसिटी गुण होते हैं, जिसका अर्थ है कि यह शरीर में वसा के गठन को रोकता है।

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2. अपने शरीर को आराम दें

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आयुर्वेद कहता है कि शरीर को तनाव मुक्त रखने के लिए शरीर की आराम दें। चूंकि तनाव वजन बढ़ने का एक कारण है। यह हार्मोन के स्तर को बनाए रखने में भी मदद करता है, जो तनाव (कोर्टिसोल) के दौरान जारी होते हैं।

3. गर्म पानी पिएं

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आयुर्वेद के अनुसार, सुबह जागने के बाद गर्म पानी पीने से वजन घटाने में मदद मिलती है। गर्म पानी पीने से आपके शरीर का तापमान बढ़ सकता है, जो चयापचय को बढ़ाने में मदद करता है। बेहतर चयापचय पूरे दिन में अधिक कैलोरी जलाने में मदद करता है। इसलिए हो सके तो पूरे दिन गर्म पानी का सेवन करें।


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