नई दिल्लीः संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में (UNSC) जनवरी 2021 से अस्थायी सदस्य के रूप में अपनी भूमिका शुरू करने से पहले भारत ने कूटनीतिक मौजूदगी (Diplomatic presence) को और अधिक मजबूत करने का फैसला किया है. लिहाजा संयुक्त राष्ट्र में भारतीय मिशन में चार राजनयिकों की संख्या बढ़ाई जाएगी. ये 4 राजनायिक होंगे 1999 बैच के IFS आर रविंद्र, 2007 बैच के IFS प्रतीक माथुर, 2009 बैच के IFS आशीष शर्मा, 2009 के IFS राजेश परिहार.
यह मिशन राजदूत टीएस तिरुपति के नेतृत्व में काम करेगा. टीएस तिरुपति संयुक्त राष्ट्र में भारत के सर्वश्रेष्ठ राजनयिकों में शुमार हैं. भारत के स्थाई प्रतिनिधि (Permanent Representative) हैं और उप स्थायी प्रतिनिधि (Deputy Permanent Representative) नागराज नायडू हैं. आर रविंद्र ज्वाइंट राजनीतिक समन्वयक होंगे.
प्रतीक माथुर वर्तमान में PMO में डिप्टी सेकेट्री हैं जबकि आशीष शर्मा विदेश मंत्रालय के प्रोटोकॉल डिवीजन में हैं. इन दोनों के अतिरिक्त राजेश परिहार बेजिंग में भारतीय मिशन के पहले सचिव (आर्थिक और वाणिज्य) हैं.
बता दें कि UNSC सीट के लिए भारत को 192 में से 184 वोट मिले थे. इतने अधिक समर्थन ने सभी को हैरान किया था क्योंकि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने की वजह से भारत के दुश्मनों खासकर पाकिस्तान, तुर्की, मलेशिया और चीन ने भारत के खिलाफ भ्रामक प्रचार अभियान चलाया था.

