पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती पर छत्तीसगढ़ में किसानों, वनवासियों और गोबर विक्रेताओं के खाते में 1737.50 करोड़ रुपए सरकार ने डाले हैं.
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel) ने कहा कि राजीव गांधी के सपनों को साकार करने के लिए राजीव गांधी किसान न्याय योजना की शुरुआत की है. यह किसानों के लिए संजीवनी साबित हुई है.
संजीवनी साबित हुई राजीव गांधी किसान न्याय योजना
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Chief Minister Bhupesh Baghel) ने कहा कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना हमारी न्याय दिलाने की विरासत से जुड़ी हुई है. उन्होंने बताया कि राजीव गांधी कहते थे यदि किसान कमजोर हो जाएगा तो देश अपनी आत्मनिर्भरता खो देगा. किसानों के मजबूत होने से ही देश मजबूत होता है. राजीव गांधी गरीबों, आदिवासियों, किसानों के उत्थान के लिए सतत प्रयास करते थे. उनके ही सपनों को साकार करने के लिए छत्तीसगढ़ में राजीव गांधी किसान न्याय योजना की शुरुआत की है. यह योजना किसानों के लिए संजीवनी साबित हुई है.
कोरोना के बावजूद किसानों को कर्ज लेने की जरूरत नहीं पड़ीकोरोना महामारी में किसानों को खेती के लिए कर्ज लेना नहीं पड़ रहा है. किसान कृषि कार्यों के लिए पर्याप्त निवेश कर पा रहा है, यह सम्भव न्याय योजना से ही हुआ है. पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने योजना की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में सरकार अपनी योजनाओं के माध्यम से गरीबों, किसानों, आदिवासियों के लिए उल्लेखनीय काम कर रही है. देश के विकास के लिए इनकी रक्षा करना जरूरी है, जो कि कांग्रेस की सरकार ही कर रही है.
किसानों को दी गई दूसरी किस्त
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ देश में पहला राज्य है जो किसानों को सीधे तौर पर बैंक खातों में ट्रांसफर कर 5700 करोड़ की राहत राशि प्रदान कर रहा है. योजना की शुरुआत राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर 21 मई को की गई थी. तब 19 लाख किसानों को सहायता राशि की पहली किस्त 1500 करोड़ जारी की गई थी. राजीव गांधी की जयंती पर किसानों को दूसरी किस्त की सहायता राशि जारी की गई.

