मुंगेली: कहर बरपा रही मनियारी नदी, ढह गए 70 कच्चे मकान, SDRF ने लोगों को निकाला बाहर | mungeli – News in Hindi

मुंगेली: कहर बरपा रही मनियारी नदी, ढह गए 70 कच्चे मकान, SDRF ने लोगों को निकाला बाहर

ग्रामीण इलाकों में लोग नाव का सहारा ले रहे हैं.

Flood In Mungeli: बारिश (Heavy Rain) की वजह से कई मकान गिरने की कगार पर हैं. रायपुर (Raipur) से आई एसडीआरएफ (SDRF) की ने अमोरा और केशरूवाडीह गांव से 50 लोगों को रेस्क्यू कर बाढ़ से बाहर निकाला.

मुंगेली. छत्तीसगढ़ के मुंगेली (Mungeli) जिले में पिछले 3-4 दिनों से हो रही बारिश (Heavy Rain) लोगों के लिए आफत की बारिश साबित हो रही है. लोरमी और पथरिया इलाके में मनियारी नदी (Maniyari River) ने जमकर कहर बरपाया है. तो वहीं मुंगेली में आगर नदी के उफान पर रहने से लोग प्रभावित हुए हैं. राजीव गांधी मनियारी जलाशय के पहले से ही लबालब होने से बांध के वेस्टवियर से रिकॉर्ड 7 फीट ऊपर से पानी का तेज बहाव बाढ़ (Flood) की वजह रही. मुंगेली जिले में मनियारी और आगर नदी के किनारे बसे अलग-अलग गांवों में 60 से 70 मकान कच्चे मकान ढह जाने की जानकारी है. ताजा हालातों के देकते हुए ये आंकड़े और बढ़ने के आसार हैं.

अकेले लोरमी इलाके में 3 हजार से अधिक लोगों को उनके घरों से निकाल कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है. तो वहीं मुंगेली के परमहंस वार्ड से 30 लोगों को उनके मकानों से निकाल कर नगरपालिका की टीम ने सुरक्षित स्थानों में पहुंचाया है. जबकि पथरिया इलाके में रायपुर से बुलवाए गए एसडीआरएफ की टीम के मदद से अमोरा और केशरुवाडीह गांव से 50 लोगों को रेस्क्यू कर बाढ़ से बाहर निकालने में टीम सफल रही.

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वनांचल में सबसे ज्यादा नुकसानइस पूरे रेस्कयू के दौरान एसपी अरविंद कुजूर मौके पर रहे और टीम का मार्गदर्शन करते रहे. वहीं जिला प्रशासन द्वारा इन बाढ़ पीड़ित परिवारों को सुरक्षित ठहराने और भोजन की व्यवस्था की जा रही है. अब बारिश थमने के बाद अब कुछ परिवार अब अपने घरों के तरफ लौटने लगे हैं. वहीं अपने उजड़े आशियाने में पहुंचे गरीब लोग के आंसू नहीं थम रहे हैं. अब बाढ़ प्रभावितों को शासन प्रशासन से मदद की दरकार है. वहीं बारिश थमने के बाद कलेक्टर पीएस एल्मा ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया. साथ ही सम्बंधित अधिकारियों को आवश्यकदिशा निर्देश देते हुए नुकसान का सही सर्वे कर जल्दी मुआवजा प्रकरण तैयार कर सहायता राशि प्रभावित तक पहुंचे जिसकी व्यवस्था कराना सुनिश्चित करने की बात कही ताकि कुछ राहत इन बाढ़ प्रभावित लोगों को मदद मिल सके. सबसे ज्यादा नुकसान वनांचल में हुआ है औऱ बैगा आदिवासी बहुत प्रभावित हैं.




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