तहसीलदार ने किया लीक से अलग हटकर कुछ ऐसा कि मिल रही चौतरफा तारीफ | kanker – News in Hindi

तहसीलदार ने किया लीक से अलग हटकर कुछ ऐसा कि मिल रही चौतरफा तारीफ

तहसीलदार कमलेश सिदार अपने पटवारी और डॉक्टरों की टीम लेकर नदी-नाला पार करते हुए पीड़ितों के पास पहुंच गए.

कोयलीबेड़ा के तहसीलदार कमलेश सिदार अपने पटवारी और डॉक्टरों की टीम लेकर नदी-नाला पार करते हुए पीड़ितों के पास पहुंच गए. मौके पर ही मृतक का पोस्टमॉर्टम किया गया.

कांकेर. अधिकारियों को लीक से हटकर जनहित में काम करते हुए बहुत कम देखने को मिलता है. अक्सर अधिकारी नियम-कायदों का हवाला देकर ऐसे मामलों से दूरी बनाकर रखते हैं. मगर जब कोई अधिकारी जनहित के लिए नियमों से आगे बढ़कर अपनी जिम्मेदारी निभाता है, तो चर्चा का विषय बन जाता है. जनता भी ऐसे अधिकारियों की तारीफ खुले मन से करती है. ऐसा ही एक मामला छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के कांकेर (Kanker) में उस समय देखने को मिला जब कोयलीबेड़ा के तहसीलदार (Tehsildar) जनता की मदद के लिये डॉक्टरों (Doctors) की टीम लेकर खुद नदी पार करते हुए पीड़ितों के पास जा पहुंचे.

नदी-नाले पार कर डॉक्टर के साथ पहुंचे तहसीलदार

दरअसल जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं. कोयलीबेड़ा विकासखंड के कामटेड़ा गांव के आश्रित गांव में युवक को सांप काटने के कारण उपचार के लिए खाट पर डालकर अस्पताल लाया जा रहा था. नदी-नालों में उफान के कारण उसे अस्पताल तक नहीं ले जाया जा सका. और उसकी मौत हो गई. परिजन मृतक का पोस्टमॉर्टम कराना चाहते थे, मगर अस्पताल जाने में असमर्थ थे. जैसे ही कोयलीबेड़ा के तहसीलदार कमलेश सिदार को इसकी जानकारी लगी तो वे खुद अपने पटवारी और डॉक्टरों की टीम लेकर नदी-नाला पार करते हुए पीड़ितों के पास पहुंच गए. मौके पर ही मृतक का पोस्टमॉर्टम किया गया. दरअसल तहसीलदार ने इतनी कठिनाई उठाकर पोस्टमॉर्टम इसलिए करवाया कि पीड़ित परिवार को शासन की योजना का लाभ मिल जाए. तहसीलदार के इस कार्य की लोगों ने जमकर सराहना की.

गांव का संपर्क ब्लॉक और जिला मुख्यालय से टूटाबता दें कि कांकेर जिले में हर साल बारिश के मौसम में दर्जनों गांवों का संपर्क ब्लॉक व जिला मुख्यालय से टूट जाता है. जिसके चलते आवागमन पूरी तरह ठप्प हो जाता है. जानकारी यह भी है कि ऐसे मौसम में सांप काटने से मौत के दर्जनों मामले सामने आते हैं, जिनमें पोस्टमॉर्टम नहीं हो पाता और पीड़ित परिवारों को आर्थिक मदद से वंचित होना पड़ता है. अकेले कोयलीबेड़ा विकासखंड में ही करीब 40 से 50 गावों का संपर्क बारिश के कारण टूटा हुआ है, जिससे लोगों को नदी पार करने में भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है.




Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here