इसके बारे में तो हम पहले भी बता चुके हैं

-जी हां, डेंगू से बचाव और डेंगू होने पर इस संक्रमण से निजात दिलाने में पपीते के पत्ते (Papaya Leaves) आपके लिए काफी लाभकारी रहेंगे। क्योंकि पपीते के पत्तों से बना काढ़ा और जूस पीने से गिरती प्लेटलेट्स को बढ़ाया जा सकता है…
इस तरह बनाएं पपीते के पत्तों का जूस

-सबसे पहले पपीते के दो पत्तों को अच्छी तरह धुल लें और इन्हें महीन तरीके से काट लें।
-अब आप मध्यम आकार का आधा पपीता लें और उसे छोटे टुकड़ों में काट लें।
-इस जूस में तीन चम्मच नींबू रस या आधा कप संतरे का जूस मिला लें।
-अब आप इन सभी चीजों को एक साथ मिलाकर ग्राइंडर में डालें और थोड़ा-सा पानी मिलाकर पीस लें।
-तैयार जूस को ताजा-ताज पी लें। आप इस जूस को दिन में दो बार पी सकते हैं। लेकिन ध्यान रखें कि हर बार फ्रेश जूस तैयार करके ही पिएं।
नारियल पानी

-डेंगू आमतौर पर शरीर में डिहाइड्रेशन पैदा करता है। इस स्थिति में शरीर को सूखे के रोग से बचाने के लिए नारियल पानी का लगातार सेवन करना चाहिए।
-नारियल पानी प्राकृतिक पोषक तत्वों का खजाना होता है। डेंगू के रोगियों को आमतौर पर मन खराब होना, मितली आना जैसी समस्याएं होती हैं। नारियल पानी इन समस्याओं से भी बचाता है।
अनार खाएं

-अनार में प्राकृतिक तौर पर मिनरल्स और पोषक तत्व होते हैं। अनार के सेवन से शरीर में खून की कमी भी नहीं होती है और लगातार शरीर में ऊर्जा भी बनी रहती है।
-अनार में आयरन भरपूर मात्रा में होता है, जो शरीर में रक्त का प्रवाह बढ़ाता है। इससे शरीर में ऑक्सीजन का स्तर बना रहता है। इन कारणों से शरीर में प्लेटलेट्स की संख्या बनी रहती है।
मिक्स हर्ब्स

-आयुर्वेद में कई ऐसी जड़ी बूटियों के गुणों का विवरण मिलता है, जिन्हें आप अपने दैनिक जीवन में उपयोग कर सकते हैं। इन्हीं में शामिल हैं, तुलसी, अश्वगंधा, गिलोय और एलोवेरा। इसके साथ ही आप आंवला या आंवला चूर्ण का उपयोग कर सकते हैं।
-ये सभी हर्ब्स आपको हेल्दी और फिट रखने में सहायक हैं। क्योंकि ये शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर संक्रमण फैलानेवाले बैक्टीरिया और वायरस को खत्म करने का काम करते हैं।
इन्हें खाने से बचें…

-डेंगू एक हड्डी तोड़ बुखार कहा जाता है। क्योंकि इस संक्रामक फीवर के दौरान शरीर में बहुत अधिक दर्द होता है। खासतौर पर शरीर की हड्डियों और जोड़ों में।
-इस स्थिति में शरीर बहुत अधिक कमजोर होता है। इसलिए कोई भी ऐसा भोजन या खाद्य पदार्थ रोगी को नहीं देना चाहिए, जिसे पचाने में मुश्किल होती है या समय लगता है।
-तला-भुना और बहुत अधिक मसालेदार भोजन रोगी को ना दें। इस तरह का भोजन रोगी की सुधर रही स्थिति को अधिक खराब कर सकता है।
डॉक्टर्स ने बताया ये हैं कॉन्डम से एलर्जी के संकेत और निदान
Widal Test Importance: आपको जरूर जाननी चाहिए विडाल टेस्ट से जुड़ी ये जरूरी बातें
Milk Make Life Easy: सप्ताह के सातों दिन 7 अलग फ्लेवर में पिएं दूध, लाइफ सेट हो जाएगी!
Source link


