जंगल कैम्प के माध्यम से पर्यटक प्रकृति से जुड़ सकेंगे


जंगल कैम्प के माध्यम से पर्यटक प्रकृति से जुड़ सकेंगे


वन मंत्री कुंवर विजय शाह ने किया सतधारा ईको जंगल कैम्प का शुभारंभ
 


भोपाल : बुधवार, अगस्त 26, 2020, 17:29 IST

वन मंत्री कुंवर विजय शाह ने कहा है कि ईको जंगल कैम्प परिसर में बच्चों से लेकर आम आदमी की सभी गतिविधियों को विकसित किया गया है। इस परिसर में आने वाले पर्यटकों को प्रकृति का आनंद महसूस होगा। ईको जंगल कैम्प के माध्यम से पर्यटन प्रकृति से जुड़ सकेंगे। वन मंत्री भोपाल-विदिशा रोड पर बने सतधारा ईको जंगल कैम्प का शुभारंभ कर रहे थे। वन मंत्री ने कहा कि इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे।

वन मंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश ईको पर्यटन विकास बोर्ड द्वारा तैयार किये गए इस परिसर से जल, जंगल, पर्यावरण और ऑक्सीजन को समझने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि जंगल कैम्प को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप में लाया जायेगा। परिसर में आने वाले पर्यटकों से नार्मल शुल्क लिया जाएगा। सतधारा में ईको जंगल कैम्प का शुभारंभ करने के बाद बैलगाड़ी में बैठने, रस्सी पर चलने, तीरंदाजी, बास्केटबॉल तथा क्रिकेट सहित अन्य गतिविधियों का आनंद लिया। उन्होंने कैम्प स्थल पर मिट्टी से दीये तथा कलाकृतियां बनाने वाले कलाकारों को 1100-1100 रूपये देने की घोषणा की।

वन मंत्री कुंवर विजय शाह ‘अनुभूति’ स्मारिका का विमोचन किया। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि वन विभाग द्वारा विद्यार्थियों को प्राकृतिक संपदा के संरक्षण एवं प्रोत्साहित और जागरूक करने के लिये ‘अनुभूति’ कार्यक्रम हाथ में लिया गया है। यह स्मारिका विद्यार्थियों के लिये महत्वपूर्ण दस्तावेज साबित होगी।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव वन श्री अशोक वर्णवाल, प्रमुख सचिव जनसम्पर्क श्री शिवशेखर शुक्ला, प्रधान मुख्य वन संरक्षक सहित विभागीय अधिकारी मौजूद थे।

सतधारा ईको जंगल कैम्प

सतधारा स्तूप क्षेत्र में डेढ़ किमी दूर हलाली नदी बेसिन से 600 मीटर मिश्रित वनों से घिरे पहाड़ी पर मप्र ईको पर्यटन विकास बोर्ड द्वारा कैम्प का निर्माण कराया गया है। इसमें 3 हैक्टेयर क्षेत्र को चैनलिंक जाली से फेंस कर पर्यटकों को प्राकृतिक वातावरण देने के उद्देश्य से केजिंग प्लेट फार्म का निर्माण हुआ है। इसमें पोर्टेवल टेंट लगाकर विश्राम कर सकेंगे। इसकी लागत 56 लाख रूपये है। कैम्प क्षेत्र में 16 विभिन्न गतिविधियां संचालित हैं।

जंगल कैम्प के साथ बौद्ध स्तूप का भ्रमण

सलामतपुर के पास सहत्रधारा हलाली नदी के दाएं किनारे पहाड़ी पर स्थित बौद्ध स्मारक सताधारा की खोज ए कन्धिम ने की थी। मौर्य सम्राट अशोक (268-232 ईसा पूर्व) ने बौद्ध धर्म के प्रचार के लिये स्तूप का निर्माण कराया था। इस स्थल पर छोटे-बड़े कुल 27 स्तूप, दो बौद्ध बिहार तथा एक चैत्य है। वर्ष 1989 में इस स्मारक को राष्ट्रीय महत्व का स्मारक घोषित किया गया। जंगल कैम्प आने वाले पर्यटक बौद्ध स्तूप का भ्रमण कर आनंद ले सकेंगे।


ऋषभ जैन


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