DNA kim jong un sister North koreas number two figure could be even worse for country | उत्तर कोरिया के तानाशाह की बहन किम यो जोंग भाई से ज्यादा क्रूर, करती हैं ऐसे फैसले

नई दिल्ली: उत्तर कोरिया (North Korea) के तानाशाह किम जोंग उन (Kim Jong Un) को लेकर इसी हफ्ते ये दावा किया गया था कि किम कोमा में हैं. ये दावा दक्षिण कोरिया के एक पूर्व राजदूत ने किया था. उनका कहना था कि या तो किम जोंग की मौत हो गई है या फिर वो कोमा में है. इस दावे के बाद से ही उत्तर कोरिया के भविष्य को लेकर अटकलें लगाई जाने लगीं.

लेकिन उत्तर कोरिया की सेंट्रल न्यूज एजेंसी ने किम जोंग उन की नई तस्वीरें जारी की हैं. ये तस्वीरें एक बड़े हॉल की हैं, जहां किम जोंग पोलित ब्यूरो के सदस्यों के साथ बैठक कर रहे हैं. इन तस्वीरों में वो पूरी तरह से स्वस्थ नजर आए. ये तस्वीरें उन दावों को गलत साबित करती हैं जिनमें उनके कोमा में होने की बात की गई थी.

कोरियाई न्यूज एजेंसी के अनुसार बैठक में किम-जोंग-उन ने कोरोना वायरस और टायफून तूफान से बचाव के निर्देश दिए. हालांकि इन तस्वीरों के बारे में ये कहना मुश्किल है कि ये नई हैं या पुरानी और ऐसा देखा गया है कि उत्तर कोरिया एक प्रॉपेगैंडा के तहत अक्सर ऐसी तस्वीरें या वीडियो जारी करता रहता है.

फोटो के पीछे संदेश छिपा होता है
दुनिया में अपने रुतबे को बनाए रखने के लिए खास मौकों पर किम जोंग उन की ऐसी खास तस्वीरें जारी की जाती हैं. इससे पहले 12 अप्रैल  किम जोंग की कुछ तस्वीरें आई थीं जिनमें वो एक फर्टिलाइजर फैक्ट्री का उद्घाटन करता दिखाई दे रहे थे. उसके बाद ये पहला मौका है जब तानाशाह किम जोंग उन की नई तस्वीरें आई हैं. हालांकि इस पूरे अंतराल में उनके स्वास्थ्य के बारे में तरह-तरह की खबरें आती रहीं. उत्तर कोरिया से जुड़ी कोई भी खबर या फोटो जब भी दुनिया के सामने आती है तो उसके पीछे कोई न कोई छिपा संदेश जरूर होता है. माना जाता है कि इनके पीछे दिमाग होता है किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग का.

किम-यो-जोंग उत्तर कोरिया में नंबर 2 मानी जाती हैं. यानी किम जोंग के बाद अगर सबसे ज्यादा ताकत किसी के पास है तो वो है उसकी बहन किम यो जोंग. तानाशाह किम के कोमा में होने की खबर के बाद नए शासक के तौर पर सबसे पहला नाम किम यो जोंग (Kim Yo Jong) का ही आया था.

साये की तरह साथ रहती है की बहन
12 अप्रैल को जारी तस्वीर में भी किम जोंग उन की बहन उनके साथ मौजूद थीं. तानाशाह किम चाहे देश में हों या विदेश में, घर में हों या किसी अहम बैठक में, उनकी बहन हर वक्त साये की तरह साथ दिखाई देती है.

किम जोंग के हर फैसले के पीछे दिमाग उनकी बहन किम यो जोंग का ही होता है. वह उत्तर कोरिया की Propaganda टीम की मुखिया हैं. हाल ही में दावा किया गया था कि किम जोंग ने अपने सबसे भरोसेमंद सहयोगियों को कुछ खास अधिकार दिए थे जिसमें उत्तराधिकारी के तौर पर सबसे बड़ी जिम्मेदारी बहन को ही मिली थी.

तानाशाह भाई से भी बढ़कर क्रूर
हम आपको एक रिपोर्ट के जरिए किम जोंग उन की बहन के बारे में बताते हैं जिनके बारे में चर्चा है कि अगर वो अगली शासक बनीं तो अपने भाई से भी बढ़कर क्रूर साबित होंगी.

उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन को सब जानते हैं. किम के क्रूरता के किस्से और हथियारों की सनक के बारे में पूरी दुनिया जानती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि तानाशाह की हर हरकत, हर फैसले और हर बयान के पीछे किसका दिमाग होता है. दरअसल ये ​हैं उनकी बहन, किम यो जोंग जिनका हर फैसले में दखल होता है.

हालांकि कुछ साल पहले तक किम जोंग उन के साथ दिखने वाली इस महिला के बारे में कोई नहीं जानता था. हर मौके पर वह किम जोंग उन के आसपास नजर आती. पिछले कई सालों से किम यो जोंग अपने भाई की सत्ता से जुड़ी रणनीतियां पर्दे के पीछे रहकर बनाती रहीं. वो जो कहती थीं किम जोंग उन वही करते थे. किम जोंग उन की छवि को गढ़ने का जिम्मा भी किम यो जोंग पर है. लेकिन अब जब किम जोंग उन की सेहत पिछले कुछ समय से खराब है, ऐसे में अब किम यो जोंग को उत्तराधिकारी माना जा रहा है क्योंकि, वो अपने भाई के सबसे करीब हैं.

किम यो जोंग सात भाई बहनों में सबसे छोटी हैं. किम के पिता किम इल ने 5 शादियां की थीं. मौजूदा शासक किम जोंग उन और किम यो योंग, सगे भाई बहन हैं. दोनों ही किम इल की तीसरी पत्नी की संतानें हैं इसलिए किम जोंग उन को अपनी बहन पर खुद से ज्यादा भरोसा है.

किम यो जोंग की असली ताकत
हालांकि भाई का भरोसा ही किम यो जोंग की असली ताकत नहीं है. वो अपने भाई से ज्यादा क्रूर फैसले लेती हैं. वो किम जोंग उन से ज्यादा खतरनाक हैं. किम जोंग उन ने अपनी बहन का नाम नॉ​र्थ कोरिया के पोलित ब्यूरो में अपने विकल्प के तौर पर दिया था और इसी वजह से किम जोंग उन से जुड़े लोग उन्हें सत्ता में नंबर 2 मानते हैं.

किम यो जोंग को दक्षिण कोरिया का धुर विरोधी माना जाता है. लेकिन साल 2018 में पहली बार किम वंश का कोई व्यक्ति दक्षिण कोरिया के दौरे पर गया था. कारण बस ये था कि वो दुनिया की नजरों में उत्तर कोरिया की छवि बदलना चाहती हैं. किम यो जोंग की कार्यशैली अलग होने की वजह से उन्हें अमेरिका और दक्षिण कोरिया से जुड़े मामलों को देखने के लिए उत्तर कोरिया का प्रभारी बनाया गया है.

मानवाधिकार उल्लंघन के मामलों पर प्रतिबंध
किम यो जोंग हर उस मुद्दे पर फैसला लेती हैं जिसको उनके भाई तक पहुंचाया जाना होता है. यही वजह है कि कई फैसले वो खुद लेती हैं. अपने फैसलों में वो कई बार अपने भाई से ज्यादा क्रूर नजर आती हैं. अमेरिका ने किम यो जोंग पर मानवाधिकार उल्लंघन के मामलों पर प्रतिबंध भी लगाए हैं. किम यो जोंग पर लोगों की हत्याएं, अपहरण, उत्पीड़न के आरोप हैं.

किम यो जोंग पर 1 लाख से ज्यादा लोगों को राजनीतिक कारणों से जेल में रखने का आरोप है.

दक्षिण कोरिया को दुश्मन मानने वाले वाले विचारों के पीछे किम यो जोंग का ही दिमाग है. किम यो जोंग के आदेश पर ही उत्तर कोरिया की सेना ने दक्षिण कोरिया की सीमा पर मौजूद सहयोग स्थलों को बम से उड़ा दिया था.

उत्तर कोरिया की मीडिया किम जोंग उन के बाद अगर सबसे ज्यादा कवरेज किसी इंसान को देती हैं तो वो किम यो जोंग ही हैं. यही वजह है कि उन्हें आने वाले वक्त में उत्तर कोरिया की पहली महिला तानाशाह माना जा रहा है.

ये भी देखें-




Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here