DNA Russia opposition leader poisoned with Novichok | जर्मनी ने रूस पर लगाए गंभीर आरोप, पुतिन विरोधी नवेलनी को लेकर उठाए ये सवाल

नई दिल्ली: रूस में विपक्ष के नेता एलेक्सी नवेलनी को पुतिन का कट्टर विरोधी माना जाता है. उन्होंने कई बार पुतिन विरोधी रैलियां कीं जिसके बाद उनपर हमले भी हुए हैं. कुछ महीने पहले सरकार विरोधी प्रदर्शन आयोजित करने के आरोप में उन्हें 30 दिनों तक जेल में रखा गया था. एलेक्सी के समर्थकों का दावा है कि वहां भी उनको जहर देने की कोशिश की गई थी. नवेलनी को लेकर जर्मनी ने रूस पर गंभीर आरोप लगाए हैं.

 

वर्ष 2017 में एलेक्सी नवेलनी ने पुतिन के विरोधी में एक बड़ी रैली की थी जिसके बाद पुतिन के एक समर्थक ने उनके ऊपर रंग फेंक दिया था. उस वर्ष उन्होंने रूस के तत्कालीन प्रधानमंत्री दिमित्री मेदवेदेव पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे और एक बहुत बड़ा सरकार विरोधी धरना प्रदर्शन आयोजित किया था.

विरोधियों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई का लंबा इतिहास
रूस में सरकार विरोधियों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई का लंबा इतिहास रहा है. इससे पहले भी रूस की सरकार पर विरोधियों को जहर दिए जाने के आरोप लगते रहे हैं.

वर्ष 2006 में पुतिन के विरोधी रहे रूस के पूर्व जासूस एलेक्जेंडर को जहरीली चाय पिला दी गई थी. उस चाय में रेडियो एक्टिव पदार्थ मिला हुआ था.

वर्ष 2018 में भी रूस एक पूर्व जासूस और डबल एजेंट को नोविचोक (Novichok) जहर देकर मारा डाला गया था. तब ब्रिटेन ने इसे रूस की मिलिट्री इंटेलिजेंस की साजिश कहा था.

इसी तरह वर्ष 2018 में एक न्यूज वेबसाइट चलाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता को भी जहर दे दिया गया था. इस जहर के असर से उसे दिखना सुनना बंद हो गया था. जर्मनी के ही डॉक्टरों ने बाद में जहर दिए जाने की पुष्टि की थी.

रूस में सरकार विरोधी प्रदर्शनों पर प्रशासन काफी सख्ती बरतता है और ये सख्ती किस हद तक जाएगी इसके बारे में अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है.

एलेक्सी को रूस में ब्लादिमीर पुतिन का सबसे बड़ा विरोधी माना जाता है. उनकी रैलियों और धरना प्रदर्शनों पर सरकार पैनी नजर रखती है. केवल सरकार ही नहीं, सरकार समर्थकों को भी एलेक्सी के भाषण बहुत चुभते हैं. वो अपने भाषणों में तीखे व्यंग्य और हंसी-मजाक के कारण युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हैं.

मॉस्को में सरकार विरोधी रैली
एलेक्सी ने वर्ष 2008 से रूस की राजनीति पर लिखना शुरू कर दिया था. एक ब्लॉग के जरिए उन्होंने रूस की राजनीति और सरकारी कंपनियों के भ्रष्टाचार की बात बता कर लोगों का ध्यान खींचा था.

वर्ष 2011 में एलेक्सी को पहली बार तब गिरफ्तार किया गया था जब उन्होंने मॉस्को में सरकार विरोधी रैली की थी. उन्हें तब 15 दिन की सजा हुई थी.

वर्ष 2012 में पुतिन ने एलेक्सी के खिलाफ आपराधिक जांच के आदेश दिए थे. एलेक्सी को किरोव शहर में हुई आगजनी के लिए 5 साल की सजा मिली थी. हालांकि बाद में सजा को निलंबित कर दिया गया था.

पुतिन समर्थक को कड़ी टक्कर दी
2013 में एलेक्सी ने मॉस्को के मेयर का चुनाव लड़ा और इसमें उन्होंने पुतिन समर्थक को कड़ी टक्कर दी थी.

सोशल मीडिया पर पुतिन के विरोध में गढ़े गए नारों को लेकर एलेक्सी को रूस के सरकारी टेलीविजन पर प्रतिबंधित भी किया जा चुका है.

वर्ष 2018 में वो राष्ट्रपति चुनाव भी लड़ना चाहते थे लेकिन भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण चुनाव नहीं लड़ पाए. समर्थकों का कहना था कि भ्रष्टाचार के आरोप राजनीतिक से प्रेरित थे.

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