पर्यटकों की रौनक से लम्बे अरसे बाद रविवार को गुलजार हुआ शौर्य स्मारक


पर्यटकों की रौनक से लम्बे अरसे बाद रविवार को गुलजार हुआ शौर्य स्मारक


 


भोपाल : रविवार, सितम्बर 13, 2020, 23:25 IST

देश पर सर्वस्व न्यौछावर करने वाले वीर सपूतों की स्मृति में राजधानी स्थित शौर्य स्मारक अब हर रविवार को पर्यटकों के लिये खुला रहेगा। आज पहले रविवार को लगभग 350 लोगों ने शौर्य स्मारक का भ्रमण किया। लोगों में 15 अगस्त को उद्घाटित 37 फीट ऊँची भारत माता की काँस्य प्रतिमा को देखने का काफी उत्साह था। शौर्य स्मारक को हाल ही में कोरोना के चलते 174 दिन बाद पर्यटकों के लिये खोला गया था, परंतु लॉकडाउन के चलते रविवार को बंद रहता था। अमूमन एक हजार पर्यटकों से भरा रहने वाला यह स्मारक 100 पर्यटकों के आसपास सिमट आया था।

फिलहाल प्रवेश केवल गेट क्रमांक-1 से ही

शौर्य स्मारक में अब साप्ताहिक अवकाश बुधवार को रहेगा। पर्यटकों को दोपहर 12 से शाम 7 बजे तक शासन की गाइड-लाइन के अनुसार ही प्रवेश दिया जा रहा है। मास्क, सेनिटाइजर की अनिवार्यता के साथ प्रत्येक आगंतुक की थर्मल स्केनिंग की जा रही है। सोशल डिस्टेंसिंग के मद्देनजर परिसर और शौर्य वीथि में निर्धारित दूरी पर पद-चिन्हांकन किया गया है। फिलहाल प्रवेश के लिये वल्लभ भवन से आने वाले मार्ग पर स्थित गेट क्रमांक-1 से ही प्रवेश दिया जा रहा है। चयन भवन के सामने स्थित गेट क्रमांक-2 से प्रवेश प्रतिबंधित है।

निर्देशों का पालन न करने पर स्पॉट फाइन

स्मारक में भारत और राज्य शासन के कोरोना संबंधित दिशा-निर्देशों, मास्क, फेस-कवर, सोशल डिस्टेंसिंग आदि का पालन न करने वाले व्यक्तियों पर अधिकतम 500 रुपये का स्पॉट फाइन लगेगा। इसी तरह परिसर में थूकने वाले व्यक्तियों पर भी अधिकतम एक हजार रुपये का स्पॉट फाइन लगाने के आदेश हैं।

भारत-माता प्रतिमा

भोपाल में 13 एकड़ क्षेत्र में निर्मित शौर्य स्मारक का लोकार्पण प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 14 अक्टूबर 2016 को किया था। स्मारक की प्रथम वर्षगांठ पर मुख्यमंत्री श्री चौहान ने यहाँ भारत-माता की प्रतिमा स्थापना का संकल्प लिया था। प्रतिमा स्थापना के लिये विशेषज्ञों, वास्तुविदों, शिल्पकारों, चित्रकारों, आकल्पनकारों और संस्थानों आदि से प्रस्ताव आमंत्रित करने के बाद आर्शीवचन की मुद्रा में राष्ट्रध्वज सहित कमल पर भारत-माता की लगभग 25 फीट (पेडस्टल सहित 37 फीट) काँस्य प्रतिमा स्थापित की गई है। प्रतिमा के पेडस्टल पर अशोक चक्र के साथ राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत भी उकेरा गया है। वहीं स्मारक में भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना से संबंधित संक्षिप्त ऐतिहासिक जानकारी, चित्र, अस्त्र-सशस्त्रों के छायाचित्र, टेबल-टॉप मॉडल स्केल मॉडल शौर्य पदक विवरण, शौर्य से संबंधित प्रकाशन, लघु फिल्म प्रदर्शन आदि के माध्यम से जन-सामान्य को भारतीय सेना की शौर्य-गाथाओं से परिचित कराया जाता है। अब तक 26 लाख 50 हजार से अधिक लोग यहाँ आ चुके हैं।


सुनीता दुबे


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