Prostate cancer symptoms and treatment

कैंसर कई प्रकार का होता है। कुछ कैंसर ऐसे होते हैं जो महिला हों या पुरुष किसी में भी हो सकते हैं। जबकि कुछ कैंसर ऐसे होते हैं, जो आमतौर पर महिलाओं या पुरुषों में ही देखे जाते हैं। जैसे महिलाओं में सबसे अधिक ब्रेस्ट कैंसर के केस देखने को मिलते हैं, वैसे ही सिर्फ पुरुषों की बात करें तो उनमें प्रोस्टेट कैंसर (Prostate Cancer) के केस काफी तेजी बढ़ रहे हैं…

प्रोस्टेट ग्लैंड और प्रोस्टेट कैंसर

-प्रोस्टेट ग्लैंड यानी पीयूष ग्रंथि में होनेवाला कैंसर प्रोस्टेट कैंसर कहलाता है। पीयूष ग्रंथि अखरोठ के आकार की एक ग्रंथि या ग्लैंड होती है। यह ग्रंथि शुक्राणुओं यानी स्पर्म को एनर्जी और फोर्स देती है। यानी इसे इस तरह से समझ सकते हैं कि पीयूष ग्रंथि शुक्राणुओं को भोजन और गति प्रदान करती है।

प्रोस्टेट कैंसर की शुरुआत

-अपने शुरुआती स्तर पर प्रोस्टेट कैंसर सिर्फ पीयूष ग्रंथि तक ही सीमित रहता है। लेकिन अगर इसका सही समय पर पता लगाकर उपचार ना किया जाए तो यह आस-पास के अंगों में भी फैलने लगता है। इससे यह अधिक घातक रूप धारण कर लेता है। यह कैंसर पुरुषों में ही होता है।

प्रोस्टेट कैंसर के लक्षण

-जिन पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर पनपना शुरू होता है, उनमें एक निश्चित सीमा के बाद कुछ खास तरह के लक्षण देखने को मिलते हैं। इन लक्षणों को समझकर यदि सही समय पर इस बीमारी का इलाज कराया जाए तो इसे घातक रूप लेने से रोका जा सकता है।

– पुरुषों को कमर के निचले हिस्से में तेज दर्द होता है। यह दर्द लगातार बना भी रह सकता है।

-प्रोस्टेट कैंसर के पेशंट्स को यूरिन पास करते समय इस बात का अहसास होता है कि उनके यूरिन की धार कम हो रही है या पतली हो रही है।

-प्रोस्टेट कैंसर के कारण पेशाब करते समय दिक्कत होती है। दर्द, तेज चुभन का अहसास हो सकता है।

-इस कैंसर के कारण वीर्य में खून आने की समस्या हो जाती है।

पीयूष ग्रंथि में कैंसर होने के कारण

-पीयूष ग्रंथि में कैंसर कई अलग-अलग कारणों से हो सकता है। लेकिन इसमें मोटापा और अनुवांशिक तौर पर होने के कारण अधिक होते हैं। यानी जिनकी फैमिली में किसी को इस तरह का कैंसर रहा हो, उन्हें अपनी सेहत और रेग्युलर चेकअप्स को लेकर सतर्क रहना चाहिए। क्योंकि ऐसे लोगों में यह कैंसर पनपने का खतरा सामान्य लोगों से कहीं अधिक होता है।

प्रोस्टेट कैंसर से बचने के तरीके

-ज्यादातर बीमारियों से बचने के लिए जिन उपायों की सलाह दी जाती है, प्रोस्टेट कैंसर के मामले में भी वही नियम लागू होते हैं।

-आप ताजे फल और सब्जियों का सेवन करें। कम से कम फास्ट फूड खाएं।

-अधिक मैदा और चीनी युक्त पदार्थ लेने से बचें।

-रात को खाना खाते ही सोने ना जाएं। कुछ देर धीमे कदमों से जरूर टहलें। सोने से कम से कम 2 घंटे पहले खाना खा लें।

इलाज की बात

– अगर ऊपर बताए गए लक्षण आप महसूस कर रहे हैं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। आपकी स्थिति के आधार पर ही आपके डॉक्टर आगे की चिकित्सा का निर्णय करेंगे।

– डॉक्टर इस रोग के लिए कुछ जांच करते हैं। इनमें डिजिटल रेक्टल एग्जामिनेशन, प्रॉस्टेट स्पेसिफिक एंटीजन,बायॉग्रफी, अल्ट्रासोनोग्रफी जैसे टेस्ट शामिल है।

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