first time Narendra Modi & Xi Jinping will be sharing platform virtually after the Galwan incident During SCO Summit|चीन से तनातनी के बीच पहली बार आमने-सामने होंगे PM मोदी और शी जिनपिंग

नई दिल्लीः लद्दाख में एलएसी पर भारत और चीन की तनातनी के बीच शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन की बैठक मंगलवार को होने जा रही है. दोपहर 2 बजे से शुरू होने वाले इस वर्चुअल समिट की मेजबानी रूस करेगा. ऑनलाइन शिखर सम्मेलन में चीन और भारत के गतिरोध के बीच पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग आमने-सामने होंगे. इनके अलावा पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान सहित 4 एशियाई देशों कजाकिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्‍बेकिस्‍तान के नेता भी शामिल होंगे. 

व्लादिमिर पुतिन करेंगे मीटिंग को होस्ट
विदेश मंत्रालय ने  प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्व ने वर्चुअल समिट के बारे में जानकारी दी है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शिखर सम्मेलन में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे.  श्रीवास्तव ने कहा, ”प्रधानमंत्री एससीओ के राष्ट्र प्रमुखों की परिषद के 20वें शिखर सम्मेलन में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेत‍ृत्व करेंगे जोकि 10 नवंबर को ऑनलाइन आयोजित किया जाएगा. बैठक की अध्यक्षता रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन करेंगे.”

भारत पूर्ण सदस्य के रूप में लेगा हिस्‍सा
शंघाई सहयोग सम्मेलन की यह तीसरी मीटिंग है जिसमें भारत पूर्ण सदस्य के रूप में भाग ले रहा है. मालूम हो कि नई दिल्ली को 2005 में एससीओ का पर्यवेक्षक का दर्जा दिया गया और जून 2017 में भारत इस समिट का पूर्ण सदस्य बना था. 

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गलवान घाटी की घटना के बाद पहली बार होगा पीएम मोदी-शी जिनपिंग का सामना
इस वर्चुअल शिखर सम्मेलन में शामिल होने को लेकर चीन और पाकिस्तान दोनों ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि कर दी है. गलवान घाटी में हुए गतिरोध के बाद ऐसा पहली बार होगा जब पीएम मोदी और शी जिनपिंग एक साथ मंच साझा करेंगे. गौरतलब है इस साल जून में गलवान घाटी में चीन से गतिरोध के दौरान भारत के 20 जवान शहीद हुए थे जबकि 45 से 50 सैनिक मारे गए थे. पूर्वी लद्दाख में भारत ने चीन को ऐसा सबक सिखाया है जिसे वो हमेशा याद रखेगा. तब से दोनों पड़ोसी देशों के बीच संबंध खराब हुए हैं. चीन ने एलएसी के साथ बड़े पैमाने पर सैनिकों की तैनाती की है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग नवंबर में तीन अलग-अलग फोरम पर वर्चुअल बैठक में आमने-सामने होंगे. SCO के अलावा ब्रिक्स (BRICS) और जी-20 की बैठक में इन नेताओं का सामना होगा. एससीओ की 10 नवंबर को होने वाली बैठक के बाद 17 नवंबर को ब्रिक्स और 21 व 22 नवंबर को जी-20 की बैठक होनी है. यह भी दिलचस्प होगा कि पाकिस्तान के पीएम इमरान खान भी इस सम्मेलन में होंगे. 

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आठ राष्ट्रों वाले एससीओ में चीन का दबदबा है. यह क्षेत्रीय समूह दुनिया की 42 प्रतिशत आबादी और वैश्विक जीडीपी के 20 प्रतिशत का प्रतिनिधित्व करता है. चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्‍तान, ताजिकिस्‍तान और उज्बेकिस्तान एससीओ के संस्थापक सदस्य हैं. एससीओ का मुख्यालय बीजिंग में है. भारत और पाकिस्तान 2017 में इस समूह में शामिल हुए.

 

 

 




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