Global Times claim: Indian demand for chinese LED lights remains strong | दिवाली की आतिशबाजी से पहले ही ‘जला’ चीन, LED लाइट पर किया खोखला दावा

बीजिंग: भारत-चीन तनाव (India-China Standoff) के बीच मोदी सरकार द्वारा उठाये गए कड़े कदमों से ड्रैगन इस कदर बौखला गया है कि आधारहीन दावे कर रहा है. चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के मुखपत्र ‘ग्लोबल टाइम्स’ (Global Times) ने एक रिपोर्ट में दावा किया है कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के ‘वोकल फॉर लोकल’ आह्वान के बावजूद चीनी LED लाइट की भारत में जोरदार डिमांड है. 

ओवर टाइम करना पड़ा
अखबार के मुताबिक, भारत में चीनी LED लाइट की मांग में कोई कमी नहीं आई है. उल्टा मांग पूरी करने के लिए कई कंपनियों को ओवर टाइम करना पड़ा है. ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है, ‘भारत द्वारा स्थानीय निर्माताओं से LED लाइट खरीदने की अपील के बावजूद दीपावली (Diwali) पर चीनी निर्यातक भारतीय उत्‍पादकों को गुणवत्‍ता, सेवा और दाम के मामले में पीछे छोड़ रहे हैं. कई चीनी उत्‍पादकों को तो ओवरटाइम करना पड़ा है’. 

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अक्टूबर से चल रही तैयारी
चीनी अखबार के दावा किया है कि स्थानीय कंपनियां अक्‍टूबर से ही अपनी पूरी क्षमता से काम कर रही हैं ताक‍ि दिवाली के लिए ऑर्डर पूरे किये जा सकें. रिपोर्ट में दक्षिण चीन स्थित एक इलेक्ट्रॉनिक्स फैक्ट्री के सेल्स मैनेजर वैंग का भी जिक्र है. जिसने बताया है कि उसकी कंपनी को करोड़ों यूनिट के निर्यात का ऑर्डर मिला है. हमारी प्रॉडक्‍शन लाइन हर दिन एक लाख एलईडी लाइट बनाने की क्षमता रखती है, लेकिन डिमांड इतनी ज्यादा है कि यह संख्या पर्याप्त नहीं है.

10 अरब का आयात
ग्लोबल टाइम्स का कहना है कि उसने जितने भी निर्यातकों से संपर्क किया, सबका यही कहना था कि भारत से डिमांड में कोई कमी नहीं आई है. वहीं, अखबार ने साऊथ चाइना मॉर्निंग पोस्‍ट की रिपोर्ट का भी उल्लेख किया है. जिसमें दावा किया गया है कि भारत ने हाल के वर्षों में करीब 10 अरब रुपए की LED लाइट का आयात किया है. 

भारत के लिए अजीब स्थिति
वहीं, शिंगुहुआ विश्वविद्यालय (Tsinghua University) के राष्ट्रीय रणनीति संस्थान के अनुसंधान विभाग के निदेशक कियान फेंग का कहना है कि भारत की मोदी सरकार जानबूझकर चीनी उत्‍पादों पर से अपनी निर्भरता को घटाने के लिए दिवाली के दौरान स्‍थानीय उत्‍पादों के खरीद को बढ़ावा दे रही है. ग्लोबल टाइम्स से बातचीत में फेंग ने कहा कि भले ही भारत में स्थानीय उत्पादों के इस्तेमाल की अपील की जा रही हो, लेकिन चीनी LED की बढ़ती मांग ने भारतीय अधिकारियों को अजीब स्थिति में डाल दिया है. उन्होंने आगे कहा कि भारत में दिवाली प्रकाश का प्रतीक है, लेकिन चीन की LED लाइट के बिना यह प्रकाश अंधेरे में तब्‍दील हो जाएगा.

 




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