छत्तीसगढ़ राज्य के बड़े हिस्से में नक्सलवाद की समस्या है (फाइल फोटो)
मुख्यमंत्री बघेल (CM Bhupesh Baghel) ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) को लिखे अपने पत्र में कहा कि बस्तर (Bastar) में नक्सलवाद की समस्या से निपटने के लिए यह आवश्यक है कि वर्तमान में जारी रणनीति के साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में बड़ी संख्या में रोजगार के अवसरों का सृजन किया जाए, ताकि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के बेरोजगार लोग विवश होकर नक्सली समूहों में शामिल न हों
- News18Hindi
- Last Updated:
November 16, 2020, 5:30 PM IST
मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में लिखा है कि बस्तर में नक्सलवाद की समस्या से निपटने के लिए यह आवश्यक है कि वर्तमान में जारी रणनीति के साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में बड़ी संख्या में रोजगार के अवसरों का सृजन किया जाए, ताकि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के बेरोजगार लोग विवश होकर नक्सली समूहों में शामिल न हों. सीएम बघेल ने कहा कि बस्तर में लौह अयस्क प्रचुरता से उपलब्ध हैं. यदि बस्तर में स्थापित होने वाले इस्पात संयंत्रों को 30 प्रतिशत छूट पर लौह अयस्क उपलब्ध कराया जाए, तो वहां सैकड़ों करोड़ रुपए का निवेश होगा और हजारों की संख्या में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर निर्मित होंगे.
Chhattisgarh Chief Minister Bhupesh Baghel writes to Union Home Minister Amit Shah, seeking Centre’s assistance in creating employment opportunities in Naxal-hit areas of state: Official
— Press Trust of India (@PTI_News) November 16, 2020
उन्होंने कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण बड़े हिस्से में अभी तक ग्रिड की बिजली नहीं पहुंच पाई है और सौर उर्जा संयंत्रों की बड़ी संख्या में स्थापना से ही आमजन की उर्जा आवश्यकता की पूर्ति और उनका आर्थिक विकास संभव है. नक्सलवाद प्रभावित बक्सर में विकास के बयार की जरूरत
सीएम बघेल ने पत्र में कहा कि वनांचलों में लघु वनोपज, वन औषधियां और अनेक प्रकार की उद्यानिकी फसलें होती हैं, लेकिन उनके प्रसंस्करण एवं विक्रय की व्यवस्था न होने के कारण लोगों को इनका समुचित लाभ प्राप्त नहीं हो रहा है. इन क्षेत्रों में प्रसंस्करण इकाइयों और कोल्ड चेन के लिए उदारतापूर्वक अनुदान दिए जाने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि इसी प्रकार इंद्रावती नदी पर प्रस्तावित बोधघाट बहुउद्देशीय सिंचाई परियोजना के क्रियान्वयन से सिंचाई और उर्जा क्षमता के विकास से बस्तर अंचल के बड़े भाग का कायाकल्प हो जाएगा और इस परियोजना की स्थापना के लिए भी केंद्र सरकार से सहायता अपेक्षित है.
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर बस्तर अंचल में नक्सलवाद की समस्या को जड़ से समाप्त करने के संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं (फाइल फोटो)
मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा कि इस समय राज्य के आकांक्षी जिलों को केंद्र सरकार की ओर से अलग से कोई आर्थिक अनुदान नहीं दिया जा रहा. राज्य के बस्तर अंचल के सातों जिले आकांक्षी जिलों के रूप में चिह्नित हैं और उचित यह होगा कि लोगों की आजीविका के साधनों के विकास के लिए जिलाधिकारियों को कम से कम 50-50 करोड़ रुपए की राशि प्रतिवर्ष दी जाए.
बघेल ने लिखा कि उन्होंने नक्सल समस्या के समाधान की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार के प्रयासों के संबंध में इस वर्ष तीन सितंबर को पत्र लिखकर कुछ महत्वपूर्ण विषयों पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का ध्यान आकर्षित किया गया था. उन्होंने कहा, ‘मुझे खुशी है कि आपने संज्ञान लेकर छत्तीसगढ़ के लिए वर्ष 2018 में आवंटित की गई सात अतिरिक्त सीआरपीएफ बटालियन में से पांच बटालियन बस्तर क्षेत्र में तत्काल तैनात किए जाने का निर्देश दिया.’ (भाषा से इनपुट)


