वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के अड़ियल रुख पर पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा की पत्नी मिशेल ओबामा (Michelle Obama) ने नाराजगी जताई है. उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट में ट्रंप पर तंज कसते हुए कहा है कि हमारा लोकतंत्र किसी भी व्यक्ति के अहंकार से बहुत बड़ा है.
प्रक्रिया का सम्मान करें
इससे पहले ओबामा भी ट्रंप को निशाना बना चुके हैं. मिशेल ने अपनी पोस्ट में लिखा है, ‘मैं सभी से आग्रह करती हूं कि चुनावी प्रक्रिया का सम्मान कीजिए. सत्ता का हस्तांतरण ठीक वैसे ही होना चाहिए जैसे हमारे देश के पूर्व राष्ट्रपति करते रहे हैं’. पिछले चुनाव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप की जीत के बाद बराक ओबामा ने शांतिपूर्ण ढंग से सत्ता का हस्तांतरण किया था.
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कठिन था, लेकिन हमने किया
मिशेल ने लिखा है, ‘हमारे लिए वह बेहद कठिन समय था, लेकिन हमने चुनावी नतीजों का सम्मान किया. हमने चुनावी हार को किनारे रखकर डोनाल्ड ट्रंप और मेलानिया का स्वागत किया, जो बिल्कुल भी आसान नहीं था. ट्रंप मेरे पति के खिलाफ रंगभेदी झूठ फैला चुके थे और मेरे परिवार को खतरे में डाल दिया था. मैं इन सब बातों के लिए उन्हें माफ करने को तैयार नहीं थी. लेकिन मुझे पता था कि देश के लिए अपना गुस्सा छोड़ने के लिए मुझे आंतरिक शक्ति और परिपक्वता से काम लेना होगा’.
सभी को यही करना चाहिए
मिशेल ओबामा ने कहा कि सभी को चुनावी प्रक्रिया का सम्मान करना चाहिए. हमारा देश सबसे पहले है और हमारा लोकतंत्र किसी भी व्यक्ति के अहंकार से बहुत बड़ा है. उन्होंने आगे कहा कि हमने अपने सभी व्यक्तिगत मनमुटावों को भुलाकर नए राष्ट्रपति का स्वागत किया था और ऐसा ही किया जाना चाहिए. बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप और मेलानिया की तरफ से अब तक जो बाइडेन को व्हाइट हाउस में आमंत्रित नहीं किया गया है.
हार नहीं मानूंगा
वहीं, डोनाल्ड ट्रंप ने फिर एकबार स्पष्ट किया है कि वो हार नहीं मानेंगे. ट्रंप ने दोहराया कि चुनावों में बड़े पैमाने पर धांधली हुई है, इसलिए वह जो बाइडेन को जीता हुआ नहीं मानते. डोनाल्ड ट्रंप चुनाव में हार के बावजूद बड़े फैसले लेने में लगे हैं. माना जा रहा है कि ट्रंप इस सप्ताह अफगानिस्तान और इराक से अमेरिकी सैनिकों को वापस बुलाने के आदेश जारी कर सकते हैं. पेंटागन ने अमेरिकी कमांडर्स को एक नोटिस जारी किया है जिसे वार्निंग ऑर्डर समझा जा रहा है. इस नोटिस में अधिकारियों को इराक और अफगानिस्तान में मौजूद अपने सैनिकों की संख्या को आधी यानी 2,500 तक करने को कहा गया है.

