नई दिल्लीः मुस्लिम प्रो ऐप (Muslim Pro App) पर फ्रांस बेस्ड यूजर्स ने यूएस आर्मी (US Army) को डेटा बेचने का आरोप लगाया है जिसके चलते कंपनी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. मुस्लिम प्रो ऐप के पूर्व सब्सक्राइबर ने दावा किया है कि दुनियाभर में इस ऐप के करीब 95 मिलियन यूजर्स हैं. ऐप का डेटा अमेरिकी सेना से जुड़ी कंपनियों से शेयर करने के आरोप के बाद सोमवार को शिकायत दर्ज कराई गई है.
फ्रांस के आरटीएल रेडियो (RTL Radio) ने मुस्लिम प्रो ऐप पर दर्ज हुए मामले का खुलासा किया है. ऐप के खिलाफ दर्ज की गई शिकायत में ऐप पर डेटा संरक्षण अपराधों, विश्वासघात, लोगों के जीवन को खतरे में डालने और हत्या करने की साजिश करने के आरोप लगाए गए हैं. पिछले हफ्ते ही मीडिया रिपोर्ट में बताया गया था कि कैसे अमेरिकी आर्मी दुनियाभर में फैले मुस्लिम प्रो ऐप से यूजर्स के जियोलोकेशन (Geolocation) के जरिए डेटा की खरीद कर रही है.
ये भी पढ़ें- चीन में वीगरों पर ‘अत्याचार’, पहली बार पोप फ्रांसिस ने इस्तेमाल किया ‘Persecuted’ शब्द
अमेरिकी सेना अपने मिशन पर कर सकती है डेटा का प्रयोग
रिपोर्ट्स में जानकारी दी गई है कि मुस्लिम प्रो ऐप के डेटा की खरीद में एक्स-मोड नामक एक कंपनी शामिल थी, जो ऐप से सीधे स्थानी डेटा प्राप्त करती है और अमेरिकी सेना को बेचती है. रिपोर्ट में बताया गया है कि अमेरिकी स्पेशल फोर्स (US Special Force) इस डेटा का प्रयोग विदेशी मिशनों पर कर सकते हैं, रिपोर्ट में अनुमान लगाते हुए कहा गया है कि अमेरिकी सेना मुस्लिम प्रो ऐप द्वारा कलेक्ट किए गए डेटा का इस्तेमाल ड्रोन स्ट्राइक के जरिए आतंकवादी संदिग्धों के अतिरिक्त-न्यायिक निष्पादन (Extra-Judicial Executions) के लिए कर सकती है.
ये भी पढ़ें- Tarek Fateh का दावा: ‘मेरी हत्या की साजिश रच रही Pakistani Army’
मक्का की दिशा बताता है ऐप
आप बता दें कि मुस्लिम प्रो ‘मोस्ट पॉपुलर मुस्लिम ऐप’ है जिसमें कुरान की ऑडियो-रीडिंग भी शामिल है. मुस्लिम प्रो की वेबसाइट के अनुसार iOS सहित अन्य प्लेटफॉर्मों पर कुल 95 मिलियन से अधिक बार डाउनलोड किया गया है. मुस्लिम प्रो ऐप में एक जियोलोकेशन ऑप्शन है जो इसके यूजर्स को प्रार्थना के घंटे और मक्का की दिशा मालूम करने में मदद करता है.

