Centre Calls Farmers For Talks Tomorrow, Cites Cold, Covid – केंद्र ने किसानों को मंगलवार को वार्ता के लिए बुलाया, ठंड और कोरोना का दिया हवाला

केंद्र ने किसानों को मंगलवार को वार्ता के लिए बुलाया, ठंड और कोरोना का दिया हवाला

नई दिल्ली:

केंद्रीय कृष‍ि मंत्री नरेंद्र तोमर (Narendra tomar) ने कोरोना और ठंड का जिक्र करते हुए किसान संगठनों को मंगलवार दोपहर 3 बजे बातचीत के लिए बुलाया है. बता दें कि दिल्ली की दो सीमाओं पर धरने पर बैठे किसानों का समर्थन करने के लिए पंजाब से और भी किसान दिल्ली के लिए निकल पड़े हैं. किसान संगठनों ने कहा कि अमृतसर (Amritsar) क्षेत्र से और भी किसान जो कि गुरु पर्व के लिए रुक गए थे, वो निकल पड़े हैं और मंगलवार तक उनके यहां पहुंचने की उम्मीद है. प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली में प्रवेश के पांचों रास्ते ब्लॉक करने की धमकी दी है. इससे पहले सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कृषि‍ मंत्री (Agriculture Minister) से मिले. किसानों द्वारा सरकार की वार्ता की पेशकश ठुकरा दिए जान के 24 घंटे के भीतर दोनों नेताओं की यह दूसरी मुलाकात थी.

यह भी पढ़ें

केंद्रीय मंत्री नरेंद्र तोमर ने कहा, ’13 नवंबर को हमने फैसला किया था कि हम 3 दिसंबर को मिलेंगे, लेकिन किसान प्रदर्शन के मूड में हैं. सर्दी का मौसम है और कोरोना भी है. इसलिए हम किसान यूनियनों के प्रमुखों को 1 दिसंबर को 3 बजे विज्ञान भवन आमंत्रित करते हैं. हम आपसे प्रदर्शन खत्म करने और चर्चा के जरिए कोई समाधान निकालने का अनुरोध करते हैं.

प्रदर्शनकारियों में से एक की बीती रात दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी. पिछले हफ्ते किसानों का दिल्ली मार्च शुरू होने के बाद यह दूसरी मौत थी. पंजाब में लुध‍ियाना जिले के खट्टरा गांव के निवासी किसान गज्जन सिंह की टिकरी बॉर्डर पर मृत्यु हो गई, जहां बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी इकट्ठा हैं. पिछले 71 वर्षों में यह नवंबर का सबसे ठंडा महीना है.

दिल्ली : सिंघु बॉर्डर पर बवाल के मामले में पुलिस ने दंगा का केस दर्ज किया

इससे पहले केंद्र द्वारा लाए गए नए कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर डटे किसानों ने सोमवार को कहा कि वे ‘‘निर्णायक” लड़ाई के लिए राष्ट्रीय राजधानी आए हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से आग्रह किया कि वे उनके ‘‘मन की बात” सुनें. प्रदर्शनकारी किसानों के एक प्रतिनिधि ने सिंघू बॉर्डर पर संवाददाता सम्मेलन में कहा कि जब तक किसानों की मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा. भारतीय किसान यूनियन (दकौंडा) के महासचिव जगमोहन सिंह ने कहा, ‘‘हम अपनी मांगों से समझौता नहीं कर सकते.”

उन्होंने कहा कि यदि सत्तारूढ़ पार्टी उनकी चिंता पर विचार नहीं करती तो उसे ‘‘भारी कीमत” चुकानी होगी. किसानों के प्रतिनिधि ने कहा, ‘‘हम यहां निर्णायक लड़ाई के लिए आए हैं.” उन्होंने कहा, ‘‘हम दिल्ली की सीमाओं पर डटे रहेंगे और यहां से अपनी रणनीति बनाएंगे. हम प्रधानमंत्री से यह कहने के लिए दिल्ली आए हैं कि वह किसानों के ‘मन की बात’ सुनें, अन्यथा सरकार और सत्तारूढ़ पार्टी को भारी कीमत चुकानी होगी…”

Newsbeep

वहीं, भारतीय किसान यूनियन हरियाणा के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि आंदोलन को ‘‘दबाने” के लिए अब तक प्रदर्शनकारियों के खिलाफ लगभग 31 मामले दर्ज किए गए हैं. चढूनी ने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं हो जातीं, किसानों का प्रदर्शन जारी रहेगा. वहीं, आप के पूर्व नेता एवं अखिल भारतीय संघर्ष समन्वय समिति के राष्ट्रीय कार्यकारी समूह के सदस्य योगेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि किसानों के आंदोलन के बारे में पांच झूठ फैलाए जा रहे हैं, जिनमें यह झूठ भी शामिल है कि आंदोलन में केवल पंजाब के किसान शामिल हैं. स्वराज इंडिया के प्रमुख यादव ने कहा कि विभिन्न राज्यों के किसानों के इस ‘‘ऐतिहासिक आंदोलन” के ‘‘ऐतिहासिक परिणाम” निकलेंगे. (इनपुट भाषा से…)

VIDEO:महीनों के राशन के साथ सड़कों पर किसान


Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here