Health Benefits of Sirsasana: इन दिनों अनुष्का शर्मा की सेहत का ऐसे ध्यान रख रहे हैं विराट कोहली – virat kohli supporting anushka sharma in performing sirsasana during her pregnancy

शरीर को स्वस्थ रखने के लिए जब योगासनों की बात आती है तो उन आसनों के बारे में भी चर्चा की जाती है, जो सबसे कठिन योगासन हैं। इनमें शीर्षासन का नाम सबसे ऊपर रखा जाता है। योगा फ्रीक सेलिब्रिटीज और क्रिकेटर्स सामान्य दिनों में शीर्षासन और चक्रासन जैसे बेहद कठिन आसनों को करते हैं तो इसमें कोई हैरानी की बात नहीं होती है। लेकिन योग की दिवानी अनुष्का शर्मा प्रेग्नेंसी के दिनों में भी शीर्षासन कर रही हैं। हालांकि ऐसा वह अपनी डॉक्टर और योगा टीचर की देखरेख में कर रही हैं और इस दौरान बैलंस बनाने में पति विराट कोहली उनकी पूरी मदद कर रहे हैं।

सुरक्षा के साथ करें अपने मन की

-आपके मन में यह सवाल जरूर आ सकता है कि सूक्ष्म योग सहित ऐसे बहुत सारे आसान योगासन हैं, जिनके जरिए अनुष्का प्रिग्नेंसी में भी खुद को फिट रख सकती हैं। फिर उन्हें शीर्षासन जैसा मुश्किल आसन करने की क्या जरूरत पड़ गई?

-तो आपके मन में उठ रहे इस प्रश्न का पहला उत्तर तो यह है कि हर व्यक्ति की अपनी क्षमता और पसंद होती है। जिस काम को करके आप खुश और स्वस्थ अनुभव करें, वह काम आपको अवश्य करना चाहिए।

-इसके साथ ही अनुष्का की इंस्टा पोस्ट से यह बात साफ जाहिर होती है कि फिटनेस फ्रीक और योग की दिवानी अनुष्का शर्मा को शीर्षासन करना बहुत अधिक पसंद है।

शीर्षासन करने के फायदे

-आपको बता दें शीर्षासन करने से पेट से जुड़ी कई तरह की बीमारियां दूर रहती हैं।

-यह मानसिक तनाव को दूर करने काम करता है।

-इसे करने से शरीर में रक्त का प्रवाह बहुत तेजी से बढ़ता है, इसलिए इसके करने के बाद बहुत अधिक ऊर्जा का अनुभव होता है।

-कमर दर्द, कंधों के दर्द को दूर करने में सहायक है।

-सीने की जकड़न, भारीपन और श्वसनतंत्र से जुड़ी बीमारियों को दूर करता है।

अनुष्का को ऐसे मिलेगा लाभ

-आपको पता होगा कि प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं के शरीर में हॉर्मोनल बदलाव बहुत तेजी के साथ होता है। इससे उनका मूड बार-बार स्विंग करता है। कभी उदासी तो कभी बेचैनी उन्हें परेशान करती हैं। शीर्षासन के माध्यम से हॉर्मोन्स में तेजी से होनेवाले उतार-चढ़ाव और मूड स्विंग्स को नियंत्रित किया जा सकता है।

कई समस्याओं का एक समाधान

-किसी भी महिला को प्रेग्नेंसी के समय कमर दर्द, मितली, मूड स्विंग्स और शारीरिक थकान होना आम बात होती है। शीर्षासन इन समस्याओं से दूर रहने में सहायक है। लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि हर महिला के लिए प्रेग्नेंसी में यह आसन करना लाभकारी रहे यह जरूरी नहीं है। अपनी डॉक्टर से कंसल्ट किए बिना आप ऐसा ना करें। अनुष्का ने भी पहले डॉक्टर से सलाह ली है।

यह है एक ‘सुपर आसन’

-आमतौर योग के अलग-अलग आसनों के जरिए अलग-अलग शारीरिक समस्याओं का उपचार किया जाता है और उनसे बचाव किया जाता है। लेकिन कुछ खास योगासन शरीर को पूरी तरह रोगमुक्त रखने में सहायता करते हैं। इन योगासनों को ‘सुपर आसन’ कहा जाता है। शीर्षासन भी एक सुपर आसन ही है।

जीवन में दो बार महिलाओं के लिए है बहुत जरूरी

-किसी भी महिला के जीवन में प्रेग्नेंसी और मेनोपॉज दो ऐसी स्थितियां होती हैं, जब उनके बाल तेजी से गिरते हैं। शीर्षानस के माध्यम से महिलाएं जीवन के इन दोनों चरणों में अपने गिरते बालों की संख्या को घटा सकती हैं।

इन योगासनों का होता है गहरा असर

-शीर्षासन के अतिरिक्त सूर्य नमस्कारासन, चक्रासन, हलासन भी सुपर आसन की श्रेणी में आते हैं। क्योंकि ये योगासन एक साथ शरीर के कई अंगों पर प्रभाव डालते हैं और आपको पूरी तरह स्वस्थ रखते हैं।


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