नई दिल्ली: पेंटागन (Pentagon) ने रविवार को कहा कि उसकी खुफिया एजेंसियों के अधिकारी अमेरिकी राष्ट्रपति चुने गए जो बाइडेन की ट्रांजिशन टीम (Joe Biden’s transition team) के सदस्यों से मिलना शुरू करेंगे. साथ ही पेंटागन ने उन आरोपों से इनकार किया है जिनमें कहा गया था कि वह टीम के साथ बैठकें शुरू करने में जानबूझकर देरी कर रहा था.
वाशिंगटन पोस्ट ने 4 दिसंबर को एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी जिसमें कहा गया था कि ट्रंप प्रशासन ने बाइडेन की टीम को खुफिया अधिकारियों से मिलने की अनुमति नहीं दी. ना ही अमेरिकी रक्षा विभाग ने मीटिंग को ‘अस्वीकार’ किया है और ना ही मीटिंग के अनुरोधों को ‘मंजूरी दी’ है.
खारिज किए आरोप
पेंटागन ने एक बयान जारी करके इन आरोपों का खंडन किया है और कहा कि वह राष्ट्रपति चुने गए बाइडेन की टीम के साथ पूरी तरह से सहयोग कर रहा है.
बयान में कहा गया है, ‘अनाम स्रोतों ने यह आरोप लगाए हैं कि रक्षा विभाग ने एजेंसी रिव्यू टीमों की पेशेवर रूप से सहायता करने की अपनी प्रतिबद्धता को पूरा नहीं किया है. यह आरोप गलत है और अपमानजनक है.’
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ट्रंप अब भी हार मानने तैयार नहीं
उधर डोनाल्ड ट्रंप ने अभी तक भी अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव 2020 में हुई हार को स्वीकार नहीं किया है. वे लगातार बिना किसी सबूत के चुनाव में धोखाधड़ी होने के आधारहीन आरोप लगा रहे हैं. अमेरिका में अदालतों की कई कानूनी असफलताओं के बावजूद ट्रंप अपने आरोप बार-बार दोहरा रहे हैं.
यहां तक कि रविवार (भारतीय समयानुसार) को जॉर्जिया में चुनाव के बाद अपनी पहली रैली में ट्रंप ने कहा कि वह राष्ट्रपति चुनाव जीतने जा रहे हैं. ट्रंप ने कहा, ‘हम यह चुनाव जीत रहे हैं. इसमें धांधली हुई है. यह एक तय डील थी.’
चुनाव परिणामों के स्पष्ट होने के बाद ही ट्रंप प्रशासन ने ट्रांजिशन प्रक्रिया में सहयोग करने में अनिच्छा जता दी थी. जबकि विदा हो रहे प्रशासन को लेकर नियम है कि वह राष्ट्रपति चुने गए व्यक्ति और उनकी टीम को सहयोग करे ताकि सत्ता का हस्तांतरण सुचारू रूप से हो सके.

