उन्होंने दावा किया कि उन्हें इस पद का मोह नहीं है. (File)
भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) की अगुवाई वाली छत्तीसगढ़ सरकार (Chhattisgarh Government) के दो साल पूरा होने पर रामायण (Ramayan) विषय पर रथ यात्रा निकाली जाएगी. छत्तीसगढ़ में भगवान राम से जुड़े स्थलों का राम वन गमन पथ के रूप में विकास किया जाएगा
- News18Hindi
- Last Updated:
December 15, 2020, 10:40 PM IST
छत्तीसगढ़ सूचना केंद्र द्वारा सोमवार को बयान जारी कर कहा गया, ‘राम वन गमन पर्यटन सर्किट परियोजना छत्तीसगढ़ की पौराणिक और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि तथा भगवान राम के जीवन से उनके संबंध को दर्शाने को तैयार की गई है.’ साथ ही बयान में यह भी कहा गया है, ‘इसमें न केवल राम की वनवास अवधि से जुड़े स्थानों पर बल दिया गया है बल्कि उन स्थलों के आसपास के क्षेत्रों के विकास पर भी ध्यान दिया जाएगा.’
बयान में कहा गया है, ‘भूपेश बघेल की अगुवाई वाली छत्तीसगढ़ सरकार के दो साल पूरा होने पर रामायण विषय पर रथ यात्रा निकाली जाएगी. छत्तीसगढ़ में भगवान राम से जुड़े स्थलों का राम वन गमन पथ के रूप में विकास किया जाएगा.’
बता दें कि छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की भारी विजय के बाद भूपेश बघेल को 17 दिसंबर, 2018 को राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई थी.श्रद्धालु और पर्यटक हर कदम पर भगवान राम की उपस्थिति महसूस करेंगे
बयान के अनुसार राम वन गमन पथ पर अपनी यात्रा के दौरान श्रद्धालु और पर्यटक हर कदम पर भगवान राम की उपस्थिति महसूस करेंगे. मुख्य मार्ग और उपमार्ग 2,260 किलोमीटर के हैं. बयान में कहा गया है, ‘छत्तीसगढ़ भगवान राम का ननिहाल और उनकी मां माता कौशल्या का जन्मथान था. भगवान राम ने अपनी पत्नी सीता और छोटे भाई लक्ष्मण के साथ छत्तीसगढ़ के बस्तर के दंडकारण्य क्षेत्र में अपना वनवास शुरू किया था.’
बयान के अनुसार यह तीनों अपने 14 साल के वनवास में दस वर्ष छत्तीसगढ़ में रहे थे.
भगवान राम से जुड़े 75 स्थल हैं जिनमें से नौ को इस परियोजना के पहले चरण में 137 करोड़ रूपए की बजटीय प्रावधान से विकसित किया जाएगा. (भाषा से इनपुट)

