अंकारा, तुर्की: तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन (Recep Tayyip Erdogan) ने बुधवार को रूसी मिसाइलों (Russian missile) की खरीद के कारण अंकारा (Ankara) के खिलाफ लगाए अमेरिकी प्रतिबंधों को अपनी संप्रभुता पर ‘खुला हमला’ कहा है.
एर्दोगन ने अंकारा में एक टेलीविजन पर एक भाषण के दौरान कहा,’यह किस तरह का गठबंधन है? यह निर्णय हमारी संप्रभुता पर एक खुला हमला है.’
तुर्की द्वारा रूस से सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें खरीदने पर अमेरिका द्वारा प्रतिबंध लगाने और तुर्की के रक्षा विकास निकाय, इसके अध्यक्ष और 3 कर्मचारियों को भी निशाना बनाते हुए सख्त प्रतिबंध लगाए जाने के बाद एर्दोगन ने ये पलटवार किया है.
तुर्की के इस कदम की नाटो-सहयोगियों ने निंदा की है और इसके बाद एर्दोगन के पश्चिमी सहयोगियों के साथ संबंधों पर असर पड़ने की भी संभावना है.
अमेरिका ने निराश किया
एर्दोगन ने कहा कि तुर्की को उम्मीद थी कि अमेरिका उसका समर्थन करेगा और मिसाइलों की खरीद पर उस पर प्रतिबंध नहीं लगाएगा. लेकिन वॉशिंगटन के प्रतिबंध प्रक्रिया के साथ आगे बढ़ने पर वे निराश हुए हैं. एर्दोगन ने यह भी कहा कि ‘न तो संयुक्त राज्य अमेरिका के प्रतिबंध और न ही यूरोपीय संघ तुर्की को अपने अधिकारों का बचाव करने से रोकेंगे.’
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अमेरिका द्वारा ये प्रतिबंध तुर्की के शीर्ष रक्षा खरीद और विकास निकाय प्रेसीडेंसी ऑफ डिफेंस इंडस्ट्रीज (Presidency of Defence Industries), इसके अध्यक्ष इस्माइल डेमीर और 3 अन्य कर्मचारियों पर लगाए गए हैं. लेकिन केवल एक कंपनी पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद भी इसका असर तुर्की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा. विश्लेषकों का कहना है कि यह ऐसा समय है जब देश कोरोना वायरस के कारण आई मंदी और दोहरे अंकों की मुद्रास्फीति से जूझ रहा है.
अंकारा ने 2019 के मध्य में रूसी मिसाइल सिस्टम की खरीदी की थी और कहा था कि इससे नाटो सैन्य गठबंधन में उनके सहयोगियों के लिए कोई खतरा नहीं हैं. लेकिन वॉशिंगटन ने लंबे समय से प्रतिबंध लगाने की धमकी दी थी और पिछले साल तुर्की को एफ -35 जेट कार्यक्रम से हटा भी दिया था.

