स्टोरी हाइलाइट्स
- सोनिया गांधी के आवास 10 जनपथ पर बैठक
- पार्टी नेतृत्व पर सवाल करने वाले नेता भी मौजूद
- पार्टी की सियासी रणनीति सहित कई मुद्दों पर चर्चा
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की आज बैठक बुलाई है. किसान आंदोलन के बीच बुलाई गई इस बैठक में मौजूदा राजनीतिक हालात को लेकर रणनीति बनाई जाएगी, जिसमें कांग्रेस के उन नेताओं को भी बुलाया गया है जिन्होंने चार महीने पहले सोनिया गांधी को चिट्टी लिखकर पार्टी नेतृत्व पर सवाल खड़े किए थे.
Live Updates..
सोनिया गांधी के आवास 10 जनपथ पर मीटिंग के लिए कांग्रेस के सीनियर नेता पहुंचे. इनमें राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पृथ्वीराज चव्हाण, पी चिदंबरम, भूपिंदर सिंह हुड्डा, अंबिका सोनी, मनीष तिवारी, गुलाम नबी आज़ाद, आनंद शर्मा, कमलनाथ आदि शामिल हैं. पूर्व पीएम मनमोहन सिंह और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी भी बैठक के लिए 10 जनपथ पहुंचे.
Delhi: Congress leaders Ashok Gehlot, Ghulam Nabi Azad, Anand Sharma, BS Hooda, Ambika Soni and P Chidambaram arrive at 10, Janpath for a meeting with party’s Interim President Sonia Gandhi pic.twitter.com/XMVssANfiE
— ANI (@ANI) December 19, 2020
बहरहाल, बताया जा रहा है कि कांग्रेस के अंदरूनी कलह पर लगाम लगाने और पार्टी के नए अध्यक्ष के चुनाव की चुनौतियों का रास्ता निकालने के लिए सोनिया गांधी ने सीनियर नेताओं की यह बैठक बुलाई है. सोनिया गांधी इस बैठक में पार्टी के उन नाराज नेताओं से भी मुलाकात करेंगी, जिन्होंने चार महीने पहले कांग्रेस अध्यक्ष को चिट्टी लिखकर पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठाए थे. इस पत्र के बाद कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की बैठक में भी सियासी घमासान मचा था.
क्यों अहम है यह मीटिंग
बिहार विधानसभा चुनाव, हैदराबाद नगर निकाय, गोवा, केरल और राजस्थान के निकाय चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन काफी निराशजनक रहा है. पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. इन पांचों प्रदेशों में कांग्रेस के सामने अपना अस्तित्व बचाए रखने की चुनौती है. केरल के निकाय चुनावों में कांग्रेस को नाकामी हाथ लगी है. केरल के वायनाड से राहुल गांधी सांसद हैं, लिहाजा उनकी भी प्रतिष्ठा दांव पर है.
देखें: आजतक LIVE TV
अगर पूर्वोत्तर की तरफ देखें तो असम में कांग्रेस का चेहरा रहे तरुण गोगोई के निधन से पार्टी को नुकसान हुआ है. पश्चिम बंगाल में कांग्रेस को अपनी सियासी जमीन को लेकर एक अलग तरह का संकट का सामना करना पड़ रहा है. वहां बीजेपी हावी होती जा रही है. लिहाजा कांग्रेस को इन सब मसलों पर विचार विमर्श करने के लिए अहम माना जा रहा है.
ये भी पढ़ें

