Turkey president Recep Tayyip Erdoğan reaction over Pakistan nuclear bomb News | Turkey के राष्ट्रपति की पाकिस्तान के परमाणु हथियारों में दिलचस्पी, लोकतांत्रिक देशों की बढ़ी चिंता

नई दिल्ली: आर्मेनिया और अजरबैजान के बीच आग लगाने वाले तुर्की (Turkey) का मन अभी भरा रहा नहीं है. तुर्की के राष्ट्रपति रेचप तैयप एर्दोगन (Recep Tayyip Erdoğan) का पाकिस्तान (Pakistan) प्रेम एक बार फिर जागा है. इस बार उन्होंने पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम पर उच्च स्तरीय चर्चा की है. पाकिस्तानी परमाणु हथियारों और मिसाइलों की क्षमता पर चर्चा के दौरान उन्होंने इस्लामाबाद को हरसंभव मदद करने का भरोसा दिलाया है.

लोकतांत्रिक देशों की चिंता बनी तुर्की की महत्वाकांक्षा

तुर्की (Turkey) के परमाणु और मिसाइल प्रौद्योगिकी कार्यक्रम ने दुनिया भर के लोकतांत्रिक देशों की चिंता बढ़ा दी है. तुर्की की महत्वाकांक्षा की वजह से उत्तरी अटलांटिक से लेकर मिडिल ईस्ट तक के देशों की शांति और सुरक्षा खतरे में पड़ गई है. तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन ने  एक बार फिर अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए पाकिस्तान पर फोकस किया है. 

पिछले महीने की 22-23 दिसंबर को तुर्की और पाकिस्तान के बीच उच्च स्तरीय सैन्य संवाद हुआ था. इस दौरान पाकिस्तानी रक्षा सचिव और रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल मियां मुहम्मद हिलाल हुसैन ने पाकिस्तानी डेलिगेशन का नेतृत्व किया, वहीं तुर्की की सेना के डिप्टी चीफ जनरल सेल्कुक बेराकार्टोग्लू ने अपने देश की अगुवाई की.

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हालिया बैठक दोनों देशों की सेनाओं के शीर्ष स्तर के अधिकारियों के बीच मुलाकातों की ताजा कड़ी थी. इस दौरान पिछली बैठकों में तय हुए टारगेट एचीवमेंट के रिजल्ट की समीक्षा भी हुई. तुर्की मीडिया के मुताबिक मुलाकात में हथियारों के संयुक्त उत्पादन और रक्षा खरीद पर फोकस रहा. पाकिस्तानी सेना के अधिकारियों ने इस दौरान तुर्की के रक्षा मंत्री हुलसी अकर और तुर्की के सेना प्रमुख जनरल यासर गुलेर से भी मुलाकात की थी.

एर्दोगन से बाजवा से की थी गुजारिश जिसे पाकिस्तान ने दी मंजूरी

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक एर्दोगन ने पाकिस्तानी सेना चीफ जनरल बाजवा (General Bajwa) से पाकिस्तान की न्यूक्लियर वेपन टेकनॉलजी की जानकारी शेयर करने को कहा था. जिस पर पाकिस्तान ने अपनी सहमति दे दी है. 

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हाल ही में ग्रीस के पत्रकार ने किया था ये दावा

ग्रीस के पत्रकार ने दावा किया था कि तुर्की और पाकिस्तान आपस में रक्षा सहयोग बढ़ाकर दूसरे देशों की जमीन लूटना चाहते हैं. हाल में ही शील्ड ऑफ मेडेटेरियन युद्धाभ्यास के दौरान पाकिस्तानी लड़ाकू विमान तुर्की पहुंचे थे. राष्ट्रपति एर्दोगन पाकिस्तानी मदद से ग्रीस की जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं. इसी दौरान वो कश्मीर को लेकर पाकिस्तान की मदद के लिए आतंकी गुटों को भेजने की योजना तक बना रहे हैं. 

मुस्लिम देशों के नए शहंशाह बनना चाहते हैं एर्दोगन

लेकिन 2020 में राष्ट्रपति एर्दोगन मुस्लिम दुनिया के मसीहा बनकर उभरने की कोशिश में काफ़ी हद तक कामयाब भी नजर आए. ऐतिहासिक इमारत हागिया सोफिया को दोबारा मस्जिद में बदला जाना तुर्की में साल की सबसे अहम घटना मानी गई. जिसके बाद मुस्लिम वर्ल्ड में एर्दोगन हीरो बन गए. हागिया सोफ़िया तुर्की का गौरव है, जो 24 जुलाई को जुमे की नमाज़ के साथ एक संग्रहालय से मस्जिद में बदल दिया गया.

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