वॉशिंगटन: अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के उपद्रवी समर्थकों ने गुरुवार को कैपिटल बिल्डिंग (Capitol Building) में घुसकर हंगामा किया और तोड़फोड़ की. ट्रंप समर्थक कैपिटल बिल्डिंग में चल रही बहस के दौरान सीनेट चैंबर तक पहुंच गए और उपराष्ट्रपति के अलावा हाउस स्पीकर की कुर्सी पर कब्जा कर लिया.
समर्थकों के पास मिले हथियार
कैपिटल बिल्डिंग (Capitol Building) पर हमले के मामले में पुलिस ने 13 लोगों को गिरफ्तार किया है. इसके अलावा कई उपद्रवियों के पास से हथियार भी बरामद किए गए हैं. वॉशिंगटन डीसी मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने बताया कि पांच बंदूकें जब्त की गई हैं, जिनमें हैंडगन और लॉन्ग गन भी शामिल हैं. पुलिस फिलहाल प्रदर्शनकारियों को कैपिटल से दूर करने में लगी है और हालात पर काबू पाने के लिए कर्फ्यू लागू कर दिया गया है.
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उपराष्ट्रपति और स्पीकर की कुर्सी पर कब्जा
बहस के दौरान कई उपद्रवी समर्थक सीनेट चैंबर तक पहुंच गए. ट्रंप का एक समर्थक रिपब्लिकन पार्टी का झंडा लेकर संसद भवन के ऑफिस में घुसा और हाउस स्पीकर (House Speaker) की कुर्सी पर बैठ गया. इतना ही नहीं एक समर्थक उपराष्ट्रपति माइक पेंस की कुर्सी पर बैठ गया.
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अमेरिकी संसद में घुस गए ट्रंप समर्थक
अमेरिकी संसद के दोनों सदन यानी सीनेट में गुरुवार को इलेक्टोरल कॉलेज के वोटों की गिनती और बाइडेन की जीत पर मुहर लगाने के लिए बैठक शुरू हुई. इस दौरान डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के सैकड़ों समर्थक संसद के बाहर जुट गए. नेशनल गार्ड्स और पुलिस इन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन कुछ लोग कैपिटल बिल्डिंग के अंदर घुस गए और बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ की. इस दौरान गोली भी चली और एक महिला समेत 4 लोगों की मौत हो गई. हालांकि अभी तक साफ नहीं हो पाया है कि गोली किसने चलाई थी.
क्या है पूरा विवाद?
बता दें कि अमेरिका में राष्ट्रपति पद के लिए 3 नवंबर को चुनाव हुए थे, जिसमें डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बाइडेन (Joe Biden) को 306 इलेक्टोरल कॉलेज वोट और रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप को 232 वोट मिले थे. इसके बावजूद ट्रंप ने हार स्वीकार नहीं की और लगातार आरोप लगाते रहे कि चुनाव में बड़े पैमाने पर धांधली हुई है. इसको लेकर कई राज्यों में ट्रंप समर्थकों द्वारा केस भी दर्ज कराए गए, लेकिन ज्यादातर मामले कोर्ट ने खारिज कर दिया. अब ट्रंप समर्थक हिंसा पर उतारू हो गए हैं.


