रायपुर मेडिकल कॉलेज का डॉ.भीमराव आम्बेडकर अस्पताल लापरवाहियों का गढ़ बनता जा रहा है
अस्पताल के स्टाफ ने जब महिला की जांच की तो उसके पेट में सूजन, पीलिया पाया गया. नियमों के मुताबिक, अस्पताल में महिला का कोविड रैपिड एंटीजन टेस्ट भी किया गया, जो पॉजिटिव आया.
- News18Hindi
- Last Updated:
January 22, 2021, 8:43 AM IST
जानकारी के मुताबिक, रायपुर की शंकर नगर निवासी 27 साल की महिला को डिलीवरी के लिए मंगलवार शाम को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया था. अस्पताल के स्टाफ ने जब महिला की जांच की तो उसके पेट में सूजन, पीलिया पाया गया. नियमों के मुताबिक, अस्पताल में महिला का कोविड रैपिड एंटीजन टेस्ट भी किया गया, जो पॉजिटिव आया. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों ने महिला को आम्बेडकर अस्पताल रेफर कर दिया. उसे आम्बेडकर अस्पताल के गाइनिक कोविड वार्ड में भर्ती किया गया. वहां भी रैपिड एंटीजन टेस्ट पॉजिटिव आया.
पति ने डेट देखी तो अचरज में पड़ गए
बताया जाताहै कि बुधवार सुबह महिला की नॉर्मल डिलीवरी हुई थी. डॉक्टरों के मुताबिक बच्चा जीवित था, लेकिन उसकी हालत बेहद नाजुक थी. उन्होंने बहुत कोशिशें कीं लेकिन बच्चे को बचा नहीं सके. महिला को रात में स्लाइन चढ़ाई गई. गुरुवार सुबह बोतल खत्म हुई तो दूसरी बोतल लगाई गई. इस बोतल पर महिला के पति अभिषेक मजूमदार की नजर पड़ी तो वो अचरज में पड़ गए. बोतल पर एक्सपायरी डेट थी तीन महीने पहले की. तारीख के मुताबिक वह स्लाइन अक्टूबर 2020 में एक्सपायर हो चुकी थी. उसके बाद उन्होंने रात में चढ़ाकर खाली हुई दूसरी बोतल को भी ध्यान से देखा उस पर भी वही एक्सपायरी डेट थी.नाजुक है महिला की हालत
महिला के पति और दूसरे परिजन ने इस लापरवाही की शिकायत की. आपत्ति जताई तो वहां मौजूद नर्स ने सॉरी कहते हुए बोतल बदल दी. इस बीच महिला के शरीर में सूजन आ गई. घबराए परिजन बेहतर इलाज के लिए अब उसे एक निजी अस्पताल में ले गए हैं. मरीज की स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है.

