mill worker found gold on 24 january 1848 in california us california gold rush james w marshall | California Gold Rush: US में मजदूर को मिला बड़ा खजाना, सोने के बदले खरीदने लगा आटा-चावल

सैन फ्रांसिस्को: जरूरत से ज्यादा धन कई बार समृद्धि के साथ बड़ी मुसीबत भी लेकर आता है. ऐसा ही अमेरिका में कैलीफोर्निया के सैन फ्रांसिस्को शहर में हुआ. यहां एक मिल मजदूर को खजाना मिला, जिसके बाद छोटे से कस्बे सैन फ्रांसिस्को की सूरत ही बदल गई. सोना पाने की चाहत में हजारों लोग यहां बाहर से आए और स्थानीय लोगों का जीना मुश्किल हो गया.

खजाना मिलने के बाद सैन फ्रांसिस्को में लोगों की बाढ़ सी आ गई. लोग यहां नदी और समुद्र के रास्ते पहुंचना शुरू हो गए. जब रहने के लिए सैन फ्रांसिस्को में घर कम पड़े तो लोगों ने टेंट लगाकर रहना शुरू कर दिया. साथ ही लकड़ी के अस्थाई घर भी तैयार किए गए.

अमेरिका (US) के कैलीफोर्निया (California Gold Rush) में दर्जनों शिप खड़े हो गए. सैन फ्रांसिस्को में भीड़ इतनी ज्यादा बढ़ गई कि बाहरी लोगों ने खाने-पीने का सामान बेचना शुरू कर दिया. इसके बाद लोग यहां सोने के बदले आटा-चावल खरीदने लगे.

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ऐसे मिला खजाना

बता दें सैन फ्रांसिस्कों में हुई इस घटना को अब 150 साल से ज्यादा हो चुके हैं. यहां मिल में काम करने वाले एक मजदूर जेम्स डब्ल्यू मार्शल (James W Marshall) को 24 जनवरी, 1848 को अचानक अरबों रुपये का सोना (Gold) मिला था. मजदूर को मिल में लगी एक पनचक्की के पास सुनहरे पत्थर का टुकड़ा मिला था. फिर ये बात तुरंत उसने अपने मालिक जॉन सुत्तर को बताई. तो मालिक हैरान रह गया. मालिक ने उससे कहा कि किसी को सोने के बारे में नहीं बताना.

कैसे फैली खजाना मिलने की खबर

खजाना मिलने जैसी बड़ी बात कहां छुप सकती थी. शुरुआत में अफवाहों के आधार पर एक स्थानीय न्यूजपेपर ने खजाना मिलने की खबर छापी. फिर न्यूजपेपर के मालिक ने ही सोना बेचने के लिए खुद का स्टोर खोल लिया. इसके बाद सैन फ्रांसिस्को के एक बड़े न्यूजपेपर ने 19 अगस्त, 1848 को खजाना मिलने की खबर को छापा तो ये बात जंगल की आग की तरह पूरी दुनिया में फैल गई.

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गौरतलब है कि अरबों रुपये का खजाना मिलने से पहले सैन फ्रांसिस्को में लगभग 1,000 लोग रहते थे. लेकिन खजाना मिलने के बाद वहां की जनसंख्या अचानक बढ़कर 25,000 से भी ज्यादा हो गई. उस समय हर कोई कैलीफोर्निया जाना चाहता था.

खजाने की वजह से हुआ स्थानीय लोगों का नरसंहार

बता दें कि खजाना मिलने के शुरुआती 2 साल में सैन फ्रांसिस्को में सोने का लेन-देन करना आसान था. लेकिन शहर में बाहरी लोगों की संख्या बढ़ने के बाद स्थानीय लोगों के साथ उनका संघर्ष शुरू हो गया. इस दौरान 16,000 से ज्यादा स्थानीय लोगों की हत्या कर दी गई.

फिर स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने टैक्स लगाना शुरू कर दिया. आज से करीब 150 साल पहले लगाया गया टैक्स 20 डॉलर प्रति माह से बढ़कर अब 2021 में 610 डॉलर प्रति माह तक पहुंच गया है. जान लें कि यहां अरबों डॉलर का सोना जमीन से निकाला जा चुका है.

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