आजादी मिलने के बाद पहली बार दंतेवाड़ा जिले के अबूझमाड़ के गांव में भारी सुरक्षा में तिरंगा झंडा फहराया गया
देश को आजादी मिलने के बाद ऐसा पहली बार था जब नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा (Dantewada) जिले के अबूझमाड़ में तिरंगा फहराया गया. गांव के सरपंच रहे व्यक्ति के डीआरजी जवान बेटे ने गणतंत्र दिवस (Republic Day) पर यहां ध्वजारोहण किया और भारत माता के जयकारे गूंजे
- News18Hindi
- Last Updated:
January 27, 2021, 12:05 AM IST
अबूझमाढ़ इलाके में नक्सली घटनाएं आम हैं. नक्सली संगठन डरा-धमका कर ग्रामीणों को अपने प्रभाव में रखते हैं. यहां के सरपंच कोसेराम ने नक्सलियों को चुनौती देकर गांव में विकास कार्य कराने शुरू किए थे. उन्होंने राष्ट्रीय पर्व पर तिरंगा फहराने की बात कही थी, लेकिन नक्सलियों ने इससे नाराज होकर जुलाई 2018 में कोसेराम की हत्या कर दी थी. इसके बाद उनका बेटा पुलिस में भर्ती हुआ और 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर तिरंगा फहराकर अपने दिवंगत पिता के सपनों को सच किया.
दरअसल, गणतंत्र दिवस के मौके पर प्रशासन ने यहां ध्वजारोहण की शुरुआत करने का निर्णय लिया. इसके तहत मंगलवार की सुबह पुलिस अधीक्षक (एसपी) अभिषेक पल्लव अपने जवानों के साथ इंद्रावती नदी पार बसे गांव पाहुरनार पहुंचे. गांव में सन्नाटा पसरा था. पुलिस को देखकर ग्रामीण अपने-अपने घरों में दुबक गए. अधिकारियों के अनुसार जवानों ने गांव में ध्वजारोहण की तैयारियां शुरू कर दी. जवानों को देख गांव के कुछ बच्चे भी वहां आ गए. जवानों ने उन्हें तिरंगा पकड़ा दिया. बच्चों को तिरंगा थामे देख ग्रामीण डर छोड़कर घरों से बाहर आ गए.
सरपंच कोसेराम नक्सलियों के भारी दबाव में थे. उनकी इच्छा गांव में तिरंगा फहराने की थी. उन्होंने प्रशासन को भी इसकी जानकारी दी थी लेकिन वो अपने लक्ष्य में कामयाब नहीं हुए. नक्सलियों के हाथों उनकी हत्या हो गई. पिता की इस इच्छा को मंगलवार को 72 गणतंत्र दिवस पर उनके बेटे ने पूरा किया. उनका बेटा डीआरजी जवान बनकर गांव पहुंचा था. उसने यहां पूरे शान से राष्ट्रीय ध्वज फहराया. इसके बाद गांव में भारत माता की जय के साथ तिरंगा रैली भी निकाली गई.

