दुर्ग के कक्षा पांचवीं के छात्र लिवजोत सिंह अरोरा को मिली 10वीं बोर्ड परीक्षा देने की इजाजत.
दुर्ग जिला अस्पताल में बच्चे के आईक्यू की जांच की गई जिसमें पता चला कि उसका आईक्यू 16 साल के लड़के के बराबर है. इसी आधार पर उसे दसवीं की परीक्षा देने का फैसला लिया गया है.
- News18Hindi
- Last Updated:
February 4, 2021, 3:32 PM IST
16 वर्ष के बच्चे के बराबर है आईक्यू
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, लिवजोत ने बोर्ड को आवेदन सौंपा था कि वह सत्र 2020-21 के लिए कक्षा दस की बोर्ड परीक्षा देना चाहता है. विज्ञप्ति में बताया गया कि दुर्ग जिला अस्पताल में बच्चे के आईक्यू की जांच की गई जिसमें पता चला कि उसका आईक्यू 16 साल के लड़के के बराबर है. इसी के आधार पर समिति ने यह फैसला लिया दसवीं की परीक्षा देने के काबिल हैं.
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अन्य राज्यों में भी हो चुका है ऐसा
इसके पहले मणिपुर में नौ वर्ष और 12 वर्ष, बिहार में 9 वर्ष के बच्चे को कक्षा दसवीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने का अवसर मिल चुका है. माध्यमिक शिक्षा मंडल के सचिव प्रोफेसर वीके गोयल ने कहा कि दुर्ग के कक्षा पांचवीं के छात्र लिवजोत सिंह अरोरा के आवेदन पर उनके आइक्यू का टेस्ट कराया गया. इसके बाद परीक्षाफल समिति की सहमति ने यह फैसला लिया कि वह दसवीं की परीक्षा दे सकते हैं.
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