Tit-For-Tat: Now Germany, Poland and Sweden expel Russian diplomats | Tit-For-Tat: Germany, Poland और Sweden ने दिया मॉस्को को जवाब, रूसी राजनयिकों को देश छोड़ने का आदेश

मॉस्को: रूस (Russia) की कार्रवाई का जर्मनी, स्वीडन और पोलैंड (Germany, Sweden and Poland) ने भी करारा जवाब दिया है. इन यूरोपीय देशों ने रूसी राजनयिकों (Diplomats) को बाहर का रास्ता दिखा दिया है. तीनों देशों ने कहा है कि उन्होंने एक-एक रूसी राजनयिक को वापस लौटने को कहा है. इससे पहले, रूस ने राष्‍ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) के धुर विरोधी एलेक्सी नवलनी (Alexei Navalny) के समर्थन में आयोजित रैली में भाग लेने का आरोप लगाते हुए जर्मनी, स्वीडन और पोलैंड के राजनयिकों को निष्कासित कर दिया था.

Ann Linde ने किया ट्वीट

जर्मन विदेश मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि मॉस्को द्वारा तीन देशों के राजनयिकों (Diplomats) को निष्कासित करने का निर्णय पूरी तरह गलत था. ये राजनयिक कानून के अनुसार केवल अपना काम कर रहे थे. वहीं, स्वीडन की विदेश मंत्री एन्न लिंडे (Ann Linde) ने ट्वीट करके रूसी राजनयिक के संबंध में लिए गए फैसले की जानकारी दी. उन्होंने लिखा, ‘हमने रूसी राजदूत को सूचित किया है कि रूस में उनके दूतावास के एक व्यक्ति को स्वीडन छोड़ने को कहा गया है. यह बस अपना कर्तव्य निभा रहे स्वीडिश राजदूत के निष्कासन के अस्वीकार्य फैसले पर हमारी स्पष्ट प्रतिक्रिया है’. 

ये भी पढ़ें -Vijay Mallya को लंदन हाई कोर्ट से मिली राहत, खर्चे के लिए 11 करोड़ रुपये निकालने की मिली मंजूरी

VIDEO

Poland ने जारी किया बयान

पोलैंड ने भी बयान जारी करते हुए बताया है कि रूस की अनुचित कार्रवाई के जवाब में एक रूसी राजनयिक को देश छोड़ने के लिए कहा गया है. इससे पहले, पोलैंड सरकार ने रूस की निंदा करते हुए कहा था पोलिश राजनयिक किसी प्रदर्शन का हिस्सा नहीं थे, वह केवल आधिकारिक कार्यों के लिए गए थे. इसी तरह, जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल ने भी राजनयिकों के निष्कासन को पूरी तरह गलत बताया था.

Russia ने जताया विरोध

रूस ने यूरोपीय देशों के इस फैसले को प्रतिकूल बताया है. सरकार की प्रवक्ता Maria Zakharova ने कहा कि जर्मनी, स्वीडन और पोलैंड द्वारा रूसी राजनयिक को देश छोड़ने के लिए कहना पूरी तरह गलत है और यह यूरोपीय देशों का रूस के प्रति दृष्टिकोण दर्शाता है. गौरतलब है कि एलेक्सी नवलनी को जर्मनी से रूस लौटने के बाद पिछले महीने गिरफ्तार कर लिया गया था. प्रोबेशन की शर्तों के उल्लंघन का दोषी करार देते हुए रूसी कोर्ट ने उन्हें जेल भेज दिया है.

 




Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here