Military Coup: Now Britain, Canada impose sanctions on Myanmar generals | Myanmar Coup: बगावत करने वाली सेना पर अब Britain और Canada हुए सख्त, नौ Officers पर लगाया Ban

यंगून: म्यांमार में तख्तापलट (Myanmar Coup) करने वाली सेना के खिलाफ अमेरिका के बाद ब्रिटेन और कनाडा (Britain and Canada) ने भी कड़ा कदम उठाया है. दोनों देशों ने म्यांमार के सैन्य जनरलों (Army Generals) पर प्रतिबंध लगा दिए हैं. इससे पहले अमेरिका ने प्रतिबंध की कार्रवाई की थी. हालांकि, ये बात अलग है कि दुनिया भर में हो रही आलोचना के बावजूद सैन्य शासन के रुख में कोई बदलाव नहीं आया है. सेना न तो सत्ता छोड़ रही है और न ही गिरफ्तार नेताओं को रिहा किया जा रहा है. 

Quad देशों ने की अपील

म्यांमार (Myanmar) के हालात पर क्वाड ग्रुप (Quad Group) ने भी चिंता जाहिर करते हुए सेना से लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सम्मान करने की अपील की है. इस ग्रुप में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं. जापान के विदेश मंत्री ने कहा कि हम सभी इस बात पर सहमत हुए हैं कि म्यांमार में लोकतंत्र की बहाली के लिए प्रयास किया जाए. हम सेना की र्कारवाई का पुरजोर विरोध करते हैं.

ये भी पढ़ें -Joe Biden ने पलटा Donald Trump का एक और फैसला, मैक्सिको में इंतजार कर रहे शरणार्थियों को होगा फायदा

Canada ने दिया ये बयान

कनाडा ने म्यांमार के नौ सैन्य अधिकारियों के खिलाफ प्रतिबंध लगाए हैं. कनाडा ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को खिलाफ जाने, दमनकारी नीति अपनाने और बल प्रयोग करने के लिए इन अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं. इससे पहले, ब्रिटेन, कनाडा और अमेरिका ने म्यांमार सेना के प्रमुख जनरल मिन आंग लाइंग (Min Aung Hlaing) के खिलाफ प्रतिबंध लगाए थे. 

लगातार जारी हैं Protest

वहीं, म्यांमार में सेना के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन जारी हैं. सेना की चेतावनी के बावजूद लोग भारी संख्या में प्रदर्शन कर रहे हैं. उनकी मांग है कि देश की प्रमुख नेता आंग सान सूची (Aung San Suu Kyi) सहित सभी गिरफ्तार नेताओं को रिहा किया जाए. सूची एक फरवरी से सेना के कब्जे में हैं, उनके बारे में कोई जानकारी नहीं दी जा रही है. यहां तक कि सैन्य शासन ने सूची से बात करने की अमेरिका की मांग को भी ठुकरा दिया है.  

कुछ बड़ा करने की तैयारी 

उधर, संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत टॉम एंड्रयूज ने बताया है कि उत्तरी रखाइन राज्य के सीमावर्ती क्षेत्र में तैनात सैनिकों को बड़े शहरों में भेजा जा रहा है. सैन्य शासन के इस कदम से देश में बड़े पैमाने पर हिंसा की आशंका है. उन्होंने कहा कि वह सूत्रों से मिली सूचना के आधार पर वह दावे के साथ कह सकते हैं कि रखाइन प्रांत से सैनिकों को कुछ घनी आबादी वाले शहरों में भेजा जा रहा है. विशेष दूत ने यह भी कहा कि नौकरशाहों का एक बड़ा धड़ा हड़ताल पर है और सभी निजी बैंक फिलहाल बंद हैं. गौरतलब है कि रखाइन में 2017 में सेना की कार्रवाई के बाद रोहिंग्या समुदाय के सात लाख से ज्यादा लोगों को बांग्लादेश में पनाह लेनी पड़ी थी.

 




Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here