
पूर्व सीएम कमलनाथ की मौजूदगी में बाबूलाल चौरसिया कांग्रेस में शामिल हुए थे
Congress vs Congress: मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में ग्वालियर में वार्ड नंबर 44 से पार्षद और हिंदू महासभा (Hindu Mahasabha) के नेता बाबूलाल चौरसिया (Babulal Chaurasia) ने कांग्रेस (Congress) का दामन थाम लिया है. बाबूलाल उस वार्ड से पार्षद हैं जहां नाथूराम गोडसे (Nathuram Godse)का मंदिर बना था. पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की मौजूदगी में उनका पार्टी में स्वागत हुआ जिसके लेकर बीजेपी तो सवाल उठा ही रही है, कांग्रेस के नेता भी सवाल खड़े कर रहे हैं. बुधवार को कांग्रेस में शामिल होने के बाद चौरसिया का बयान आया जिसमें उन्होंने खुद को जन्मजात कांग्रेसी बताया. गोडसे के मंदिर और पूजा के सवाल पर चौरसिया ने कहा हिन्दू महासभा ने उन्हें अंधेरे में रखकर गोडसे की पूजा कराई थी. पिछले 2-3 साल से वे इनके इस तरह के कार्यक्रम से दूरी बनाकर चल रहे थे. उनके मन में हिन्दू महासभा की विचारधारा समाहित नहीं हो सकी. उन्होंने कहा, ‘मैंने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था और जीता था. चुनाव में जब टिकट कटा और हिंदू महासभा प्रमुख ने उन्हें अपनी पार्टी से चुनाव लड़ने के लिए कहा तो उन्होंने नामांकन दाखिल कर दिया लेकिन अब मैं अपने परिवार के साथ फिर से जुड़ गया हूं.’ हालांकि इस फैसले से पूर्व मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव सहित पार्टी के कई नेता इत्तेफाक नहीं रखते. अरूण यादव ने इस मामले में ट्विटर पर लिखा-बापू हम शर्मिंदा हैं.
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बापू हम शर्मिंदा है…. ।।#महात्मा_गांधी_अमर_रहे@INCIndia@RahulGandhi@priyankagandhi@digvijaya_28@rssurjewala@ANI@PTI_News@IANSKhabarhttps://t.co/NPfriZaVbO
— Arun Yadav ???????? (@MPArunYadav) February 25, 2021
उधर, बाबूलाल चौरसिया को पार्टी में शामिल करवाने में पहल करने वाले ग्वालियर से विधायक प्रवीण पाठक ने कहा, ‘पहले चौरसिया कांग्रेस में थे लेकिन उन्होंने बाद में हिंदू महासभा से चुनाव लड़ा और पार्षद के रूप में चुने गए. हमारी पार्टी के नेता (राहुल गांधी) ने अपने पिता के हत्यारों को माफ कर दिया, वे (गांधी) इतने बड़े दिल वाले हैं, यह उनके मूल्यों के कारण है कि गोडसे की पूजा करने वाला व्यक्ति गांधीजी की पूजा करने लगा.’
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गोडसे की दरिन्दगी को छोड़कर गांधी की अहिंसा की तरफ़ लौटने का समय है।
परिवर्तन की शुरुआत ग्वालियर से हो चुकी है ।#वक्त_है_बदलाव_का@RahulGandhi@priyankagandhi@MukulWasnik@kcvenugopalmp@INCMP@digvijaya_28@rssurjewala@ANI@INCIndia@OfficeOfKNath@PTI_Newspic.twitter.com/I4R8xSG6Ri
— Praveen Pathak (@PRAVEENPATHAK13) February 25, 2021
इस पूरे घटनाक्रम पर बीजेपी चुटकी लेने से नहीं चूकी. बीजेपी नेता भी कांग्रेस से पूछ रहे हैं, आखिर गोडसे का पुजारी कांग्रेस में कैसे शामिल हुआ. गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा, ‘गोडसे का पुजारी अब कांग्रेस की सवारी, इससे कांग्रेस का दोहरा चरित्र समझ में आता है.’ वहीं चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि कांग्रेस की कथनी और करनी में अंतर है. कांग्रेस राजनीतिक लाभ लेने के लिए कुछ भी कर सकती है.

