शौचालय निर्माण का करोड़ो रुपए डकार गए नगर पालिका के अधिकारी और ठेकेदार, जांच में खुलासे के बाद नोटिस जारी

जांजगीर चांपा. स्वच्छ भारत मिशन (Clean India Mission) के तहत नगरीय निकाय क्षेत्रों को ओडीएफ (ODF) घोषित कराने की होड़ में और वाहवाही लूटने के लिए, जिले के जनप्रतिनिधियों, ठेकेदारों और प्रशासनिक अधिकारीयों ने करोड़ों रुपये का बंदरबांट किया है. जांजगीर नैला नगर पालिका (Municipality) में स्वच्छ भारत मिशन के तहत, शौंचालय निर्माण के नाम पर करोडों रुपए के भ्रष्टाचार का ताजा मामला उजागर हुआ है.

मामले में शहरी विकास अभिकरण के प्रभारी ने जांच कर जांजगीर नैला नगर पालिका के तात्कालीन सीएमओ, उप अभियंता, लेखापाल अधिकारी एंव ठेकेदार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है. साथ ही जवाब संतुष्टिपूर्ण नहीं होने पर रिकव्हरी और कानूनी कारवाई करने की चेतावनी भी दी गई है.

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साल 2018 में हुआ भ्रष्टाचार
नगर पालिका के अधिकारियों ने वर्ष 2018 में जांजगीर नैला नगर पालिका को ओडीएफ घोषित करने के लिए बड़ा खेल कर दिया और शासन से स्वीकृत राशि से भी अधिक राशि का बिल पेश कर शासन की राशि का गबन कर लिया. मामले की शिकायत शहरी विकास अभिकरण से की गई थी, जिस पर जांजगीर के डिप्टी कलेक्टर के एस पैकरा ने जांच कर बड़ गड़बड़ी का खुलासा किया है. जांच में जांजगीर नैला नगर पालिका में 2 करोड़ का घोटाला सामने आया है.

जांच अधिकारी के. एस. पैकरा ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत, वर्ष 2015 से वर्ष 2018 में शासन ने जांजगीर नैला नगर पालिका को 2442 शौंचालय बनाने के लिए 3.76 करोड रुपए की राशि जारी की गई थी, लेकिन नगर पालिका के अधिकारी, लेखा अधिकारी, उप अभियंता और ठेकेदारों ने मिली भगत कर अधिक राशि खर्च दिखाकर, अलग-अलग मदो से 6 करोड़ 54 लाख रूपये का राशि खर्च होना दिखाया.

जांच में क्या पता चला

जांच में इस मामले का खुलासा होने के बाद डूडा के प्रभारी डिप्टी कलेक्टर के एस पैकरा ने नगर पालिका के 4 सीएमओ, लेखा अधिकारी, उप अभियंता और 10 ठेकेदार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है साथ ही इसे बड़ी गड़बड़ी बताते हुए सभी संलिप्त लोगों से शासकीय राशि की रिकव्हरी के साथ कानूनी कारवाई करने की तैयारी है.

केंद्र सरकार द्वारा स्वच्छ भारत मिशन के तहत खुले में शौच पर रोक लगाने के लिए नगरीय निकाय क्षेत्रों में करोडों रुपए जारी किए हैं, लेकिन नगर पालिका के अधिकारी और ठेकेदारों की मिली भगत से राशि का बंदरबांट हो गया है. अब देखना होगा कि इन अधिकारीयों एवं ठेकेदारो पर कितनी जल्दी कार्रवाई होती है.




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